
उत्तरकाशी जनपद के मोरी ब्लॉक स्थित जखोल गांव के जाबिल्च तोक में देर रात एक भालू बस्ती में घुस आया और कई घरों तथा छानियों के दरवाजे तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया। घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग पूरी रात भय के साये में जागते रहे। वन विभाग ने मौके पर टीम भेजकर स्थिति की जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तरकाशी में पिछले कई महीनों से भालुओं की आबादी वाले क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष तेजी से बढ़ा है। बदलते मौसम और जंगलों में भोजन की कमी के चलते भालू अब गांवों और बस्तियों के पास दिखाई देने लगे हैं। पहले भी मोरी ब्लॉक और भटवाड़ी क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
अधिकारिक जानकारी
पार्क उप निदेशक निधि सेमवाल ने बताया कि जखोल गांव में भालू द्वारा दरवाजे तोड़े जाने की सूचना मिली थी, जिस पर रेंज अधिकारी गौरव अग्रवाल के नेतृत्व में टीम मौके पर भेजी गई है। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी ने बताया कि पहाड़ों में भालुओं का जीवन चक्र बदल गया है। कम बर्फबारी और मौसम में हो रहे बदलाव के कारण भालुओं को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा, जिससे वे आबादी की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक भालू के हमलों में 2 लोगों की मृत्यु, 4 गंभीर घायल और 3 सामान्य घायल हुए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
जखोल गांव के गंगा सिंह रावत, धाम सिंह, गौर सिंह, जगदीश, ताली राम, जयेंद्र सिंह, राजी सिंह, भगवान सिंह, फागणु समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि यह भालू कई दिनों से गांव और खेतों के आसपास घूम रहा है। पहले वह मवेशियों और जंगल में काम कर रहे लोगों को नुकसान पहुंचाता था, लेकिन अब सीधे घरों तक पहुंचने लगा है।
एक ग्रामीण ने कहा कि “रात में भालू ने एक-एक घर के दरवाजे पर हमला किया। शोर सुनते ही हम घरों में छिप गए। महिलाएं और बच्चे अभी भी डरे हुए हैं।”
ग्रामीणों की मांगें
ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय पहुंचकर डीएफओ को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते हमलों से गांवों में भय का माहौल है और भालू के व्यवहार में आक्रमकता दिख रही है। ग्रामीणों ने भालू को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
आगे क्या होगा
वन विभाग की टीम बस्ती में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त बढ़ाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर भालू को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सकता है। विभाग आने वाले दिनों में गांवों के आस-पास जागरूकता अभियान भी चलाने की तैयारी कर रहा है।





