
देहरादून और हापुड़ पुलिस की तलाश में चल रहे बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी नेपाल भाग चुके हैं। दोनों के 17 अक्टूबर को गायब होने के तीन दिन बाद ही पड़ोसी देश में होने के संकेत मिले। निवेशकों की शिकायतों के बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने दोनों के पासपोर्ट निरस्त कर दिए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शाश्वत गर्ग के खिलाफ देहरादून और हापुड़ में निवेशकों द्वारा बड़े वित्तीय लेनदेन और विवादित प्रोजेक्ट्स से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज हैं।
रेरा पहले ही थानो रोड स्थित उसके प्रोजेक्ट की खरीद–फरोख्त पर रोक लगा चुका है। राजपुर थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज है और गढ़वाल रेंज के आईजी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है।
फरारी की शुरुआत कैसे हुई
जानकारी के अनुसार शाश्वत गर्ग 17 अक्टूबर को एक योजनाबद्ध तरीके से अपनी ससुराल हापुड़ गया। उसी शाम वह देहरादून के लिए रवाना हुआ और अपने फोन बंद कर दिए। उसकी पत्नी साक्षी ने भी मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।
हापुड़ पुलिस की जांच में पता चला कि गर्ग का करोड़ों रुपये का लेनदेन लंबित था और उसके जानबूझकर फरार होने की आशंका जताई गई।
गर्ग की गाड़ी बाद में हरिद्वार की एक पार्किंग में मिली, जिससे संदेह और गहरा गया।
नेपाल भागने की पुष्टि
जांच में सामने आया कि शाश्वत गर्ग और साक्षी 21 अक्टूबर को मुंबई पहुंचे और वहां से रॉयल एयरलाइन की फ्लाइट से काठमांडू चले गए।
दोनों ने नेपाल में एक होटल में ठहराव किया।
निवेशकों को इसकी भनक लगी और उन्होंने होटल में फोन किया। होटल प्रबंधन ने बातचीत कराने की बात कही, लेकिन निवेशकों ने संकेत न देने के लिए मना कर दिया।
अगले दिन जब कुछ निवेशक सड़क मार्ग से काठमांडू पहुंचे तो होटल में बताया गया कि उस नाम से कोई व्यक्ति यहां ठहरा ही नहीं।
इससे शक गहरा गया कि गर्ग दंपती वहां से भी आगे निकल चुका था।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून के निवेशकों का कहना है कि वे महीनों से गर्ग से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह जानबूझकर बचता रहा।
एक निवेशक का कहना था— “हमने अपनी जीवनभर की बचत लगा दी थी। गर्ग के भागने से बड़ा नुकसान हो चुका है, अब हमें कानूनी कार्रवाई से ही उम्मीद है।”
कई लोगों ने पासपोर्ट निरस्तीकरण को सही दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा।
पासपोर्ट निरस्त, जांच तेज
निवेशकों की शिकायतों और एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी के पासपोर्ट निरस्त कर दिए हैं। गर्ग के परिवार के अन्य सदस्यों के पासपोर्ट गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय से बने हुए हैं।
पुलिस और एसआईटी अब गर्ग के विदेश भागने की पूरी श्रृंखला, संपर्कों और संभावित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहे हैं।
आगे क्या?
एसआईटी बैंक खातों, लेनदेन और प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार गर्ग के खिलाफ लुकआउट नोटिस की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा सकती है। निवेशक उम्मीद जता रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से आरोपी की गिरफ्तारी जल्द हो सकेगी।





