
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में पर्यावरण संरक्षण विभाग की रिपोर्ट सदन पटल पर रखने, अभियोजन विभाग में 46 नए पद सृजित करने और महिला कर्मचारियों को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति जैसे अहम निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल की यह बैठक बुधवार दोपहर समाप्त हुई, जिसमें कई विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में पिछले कुछ महीनों से विभिन्न विभागों में प्रशासनिक सुधार, भर्ती संरचना और नगर विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ऐसे में कैबिनेट बैठक को विशेष महत्व दिया जा रहा था, क्योंकि कई प्रस्ताव लंबे समय से परीक्षण की प्रक्रिया में थे। बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के दो प्रस्तावों को आगे की समीक्षा के लिए स्थगित भी किया गया।
आधिकारिक जानकारी
बैठक में कुल सात प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक लेखा-जोखा को विधानसभा के सदन पटल पर रखने का निर्णय लिया गया। अभियोजन संवर्ग के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई और 46 अतिरिक्त सहायक अभियोजन अधिकारी पद सृजित किए गए।
कैबिनेट ने ऊर्जा विभाग की 2022-23 की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट को विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति भी प्रदान की। राज्य की दुकानों और संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को अब रात 9 बजे से सुबह 6 बजे के बीच काम करने की अनुमति मिलेगी, जिसके लिए सुरक्षा से जुड़े प्रावधान लागू किए जाएंगे।
बैठक में उत्तराखंड दुकान और स्थापन अधिनियम में संशोधन वाले अध्यादेश, 2025 को मंजूरी दी गई। देहरादून में प्रस्तावित मेट्रो नियो परियोजना पर केंद्र सरकार के सुझावों को मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया। इसके अलावा मानव–वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली, 2025 में संशोधन को भी स्वीकृति मिली।
बैठक के दौरान दिवंगत पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। मंत्रिमंडल सदस्यों ने राज्य निर्माण में उनके योगदान को याद किया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून के स्थानीय नागरिकों ने कैबिनेट के फैसलों, विशेषकर महिला कर्मचारियों को नाइट शिफ्ट की अनुमति देने को आधुनिक कार्य संस्कृति की ओर बढ़ता कदम बताया। कुछ व्यापारियों का कहना है कि यह निर्णय शहर में कार्यस्थलों की लचीलापन बढ़ाएगा, लेकिन सुरक्षा प्रावधानों के कड़े पालन की आवश्यकता है।
एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि देहरादून में मेट्रो नियो परियोजना की दिशा स्पष्ट होना शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यातायात दबाव में कमी आएगी।
अगला कदम / आगे क्या
बैठक में स्वीकृत प्रस्ताव अब संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे, जहां से औपचारिक आदेश जारी होंगे। अभियोजन विभाग में नए पदों के सृजन के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मेट्रो नियो परियोजना के संबंध में आगे की कार्यवाही केंद्र के निर्देशों के आधार पर निर्धारित होगी। महिला कर्मचारियों की नाइट शिफ्ट से जुड़े सुरक्षा प्रावधानों पर विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।







