
हरिद्वार: उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का मंगलवार शाम हरिद्वार में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे 79 वर्षीय भट्ट ने अपने शिवालोक कॉलोनी स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से राज्यभर में शोक की लहर है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दिवाकर भट्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी और प्रभावशाली नेताओं में शामिल थे। उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक दोनों मोर्चों पर लंबे समय तक सक्रिय रहकर प्रदेश के हितों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जन्म 1 अगस्त 1946 को टिहरी जनपद के सुपार गांव, पट्टी बडियारगढ़ में हुआ था। पिछले कई वर्षों से वे हरिद्वार में रह रहे थे और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।
आधिकारिक जानकारी
परिजनों के अनुसार भट्ट को हाल के वर्षों में लगातार पांच बार ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, जिसके कारण उनकी स्थिति कमजोर होती चली गई। मंगलवार सुबह उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल से घर लाया गया था। शाम करीब चार बजे उनके निधन की सूचना मिली।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिवाकर भट्ट का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ खड़खड़ी श्मशान घाट में किया जाएगा। अंतिम संस्कार बुधवार सुबह 11 बजे होगा।
स्थानीय प्रतिक्रियाएँ
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और पूर्व मंत्री के निधन की खबर फैलते ही लोगों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। नगर विधायक मदन कौशिक, यूकेडी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उनके आवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
परिजनों में उनके पुत्र ललित भट्ट, बहू, पौत्र और पोत्री हैं।
राजनीतिक जगत की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट कर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा— “उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट जी का निधन अत्यंत दुःखद है। जनसेवा के क्षेत्र में उनके कार्य सदैव अविस्मरणीय रहेंगे।”
विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने भी दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका निधन पूरे राज्य के लिए “अपूर्णीय क्षति” है। उन्होंने कहा कि दिवाकर भट्ट जी का संघर्ष, समर्पण और योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
आगे क्या
प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी कर ली गई है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के बुधवार को बड़ी संख्या में खड़खड़ी श्मशान घाट पहुंचने की संभावना है।







