
जौलीग्रांट (देहरादून): दून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर प्रशासन ने 1025 मीटर चौड़ाई में भूमि अधिग्रहण का नया प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। पहले 79 मीटर चौड़ाई के तहत 6.0770 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव था, जिसे अब विस्तारित कर लिया गया है। प्रभावित परिवार लगातार अपनी मांगों को लेकर 15वें दिन भी धरने पर बैठे रहे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दून एयरपोर्ट का विस्तार लंबे समय से चर्चा में है। क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और भविष्य में बढ़ते एयरो-ट्रैफिक को देखते हुए एयरपोर्ट को तीसरे चरण में विस्तारित किया जा रहा है। इस दौरान आसपास के गांवों की भूमि प्रभावित हो रही है, जिसके चलते स्थानीय परिवार अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रशासन से संवाद कर रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी
एसडीएम डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल ने बताया कि 12 नवंबर को टीएचडीसी जौलीग्रांट में यूकाडा और संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद एयरपोर्ट बाउंड्री से ऋषिकेश मुख्य मार्ग की दिशा में 1025 मीटर चौड़ाई में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
पहले 79 मीटर चौड़ाई के तहत 6.0770 हेक्टेयर भूमि ली जानी थी, लेकिन अब विस्तारीकरण की जरूरत को देखते हुए प्रस्ताव बढ़ा दिया गया है। कुल 52 प्रभावित परिवारों के साथ-साथ छूटे हुए 9 परिवारों को भी अधिग्रहित श्रेणी में शामिल कर प्रस्ताव सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग को भेजा गया है।
यूकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय सिंह टोलिया की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रभावितों की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और इन्हें मुख्यमंत्री के सामने भी रखा जा रहा है।
उधर, जौलीग्रांट में प्रभावित लोग लगातार 15वें दिन धरने पर बैठे रहे। धरना स्थल पर पहुंचने वालों में पालिका अध्यक्ष नरेंद्र नेगी, संघर्ष समिति अध्यक्ष मंजीत सजवाण, खेम सिंह, सविता देवी, शिरा देवी, ध्यान सिंह सजवाण सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
इनसेट — एयरपोर्ट पर बनाई जाएगी बेसिक स्ट्रिप
एयरपोर्ट के तीसरे चरण के अधिग्रहण में अठूरवाला क्षेत्र की भूमि शामिल की जा रही है, जिस पर बेसिक स्ट्रिप बनाई जानी प्रस्तावित है।
ये स्ट्रिप रनवे की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से बनाई जाती है, जिससे विमान के रनवे से फिसलने की स्थिति में दुर्घटना के जोखिम को कम किया जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रभावित परिवारों का कहना है कि विस्तारीकरण परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उचित मुआवजा, पुनर्वास और पारदर्शी प्रक्रिया की उनकी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बातचीत जारी है, लेकिन स्पष्ट निर्णय की प्रतीक्षा बनी हुई है।
आगे क्या
शासन की समीक्षा के बाद प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों की मांगों को ध्यान में रखते हुए समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। एयरपोर्ट विस्तारीकरण के साथ सुरक्षा मानकों को उन्नत करने पर भी विशेष जोर रहेगा।






