
ज्योतिर्मठ (चमोली), ज्योतिर्मठ में लगातार बढ़ रही भालू गतिविधि को देखते हुए नन्दा देवी बायोस्फियर रिजर्व और नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन सक्रिय हो गया है। निदेशक/वन संरक्षक पंकज कुमार स्वयं ब्लॉक मुख्यालय पहुँचे और वन कर्मियों व QRT टीमों के साथ स्थिति की समीक्षा की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीते कुछ दिनों से ज्योतिर्मठ और आसपास के क्षेत्रों में भालुओं की आवाजाही बढ़ने की शिकायतें मिल रही हैं। स्थानीय लोगों ने रिहायशी क्षेत्रों में भालू दिखने की घटनाओं को लेकर चिंता जताई थी। पहाड़ी इलाकों में वन्यजीवों का मानव बस्तियों की ओर बढ़ना मौसम, भोजन की उपलब्धता और वन क्षेत्र में गतिविधियों से जुड़ा मुद्दा माना जाता है।
आधिकारिक जानकारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नन्दा देवी बायोस्फियर रिजर्व के निदेशक/वन संरक्षक पंकज कुमार और DFO नन्दा देवी ने ज्योतिर्मठ ब्लॉक मुख्यालय में डेरा डाल दिया है। उन्होंने QRT (क्विक रेस्पॉन्स टीम) के साथ समन्वय कर भालू की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने कहा है कि भालुओं को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर खदेड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। QRT टीमों की गश्त बढ़ा दी गई है और संभावित मार्गों की पहचान कर निगरानी को और मजबूत किया गया है।
वन विभाग ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों और सभासदों के साथ भी संवाद कायम किया है ताकि भालू की लोकेशन सहित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल साझा की जा सकें। अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा करते हुए मैदान में मौजूद टीमों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
नगर क्षेत्र के लोगों में भालू की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के समय घरों से बाहर निकलने में डर लग रहा है। कुछ लोगों ने बताया कि पिछले दिनों भालू रिहायशी गलियों तक आ गया था, जिससे दहशत बनी हुई है। इधर, प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
आगे क्या
वन विभाग ने भालुओं की गतिविधि पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त गश्त और ट्रैकिंग बढ़ाने की योजना बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही भालुओं को सुरक्षित रूप से वन क्षेत्रों की ओर वापस भेजा जाएगा, स्थिति सामान्य होने लगेगी। प्रशासन ने लोगों को किसी भी भालू दिखने की घटना पर तुरंत सूचना देने को कहा है।







