
तपोवन: नगर पंचायत तपोवन द्वारा क्षेत्र में स्वच्छता, अतिक्रमण नियंत्रण और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग खुले में कूड़ा फेंककर प्रणाली को नुकसान पहुँचा रहे हैं। चेतावनी के बाद भी नियम न मानने पर नगर पंचायत अब ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शुरू कर रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
तपोवन योगनगरी का प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है, जहां हजारों पर्यटक प्रतिदिन आते हैं। ऐसे में स्वच्छता बनाए रखना न सिर्फ स्थानीयता बल्कि पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद कुछ निवासी और प्रतिष्ठान नगर पंचायत की अपील को नजरअंदाज करते नज़र आते हैं।
अधिकारिक जानकारी
नगर पंचायत के अनुसार खुले में कूड़ा फेंकना दंडनीय अपराध है और इसके लिए नियमित रूप से चालान किए जा रहे हैं। लेकिन कुछ व्यक्तियों द्वारा चालान फाड़ने और नियमों की अवहेलना करने जैसी अनुशासनहीन हरकतें भी सामने आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस में कार्रवाई दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारी कहते हैं कि, “स्वच्छता अभियान को बाधित करने वालों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।”
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छता अभियान तभी सफल हो सकता है जब सभी मिलकर नियमों का पालन करें। कई व्यापारियों ने भी माना कि खुले में कूड़ा फेंकने से क्षेत्र की छवि खराब होती है और पर्यटन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर डोर-टू-डोर कलेक्शन वाहन के आने के बाद भी बाहर कूड़ा डालते हैं, जिससे गंदगी फैलती है।
अब आगे क्या?
नगर पंचायत ने स्पष्ट किया है कि अब नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ नियमित निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि कूड़ा केवल डोर-टू-डोर कलेक्शन वाहन में ही दें और किसी भी शिकायत के लिए नगर पंचायत या ग्रीन हिमालय से संपर्क करें।






