
डोईवाला: वन क्षेत्रों से सटे माजरी ग्रांट में शुक्रवार देर रात एक हाथी के घुस आने से दहशत का माहौल बन गया। हाथी ने पहले खेतों में खड़ी गन्ने की फसल खाई और फिर एक संस्थान की चहारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने रातभर भय में समय बिताया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ समय से वन क्षेत्रों के नजदीक बसे गांवों में हाथियों के आने की घटनाएं बढ़ गई हैं। खेतों में खड़ी फसलें, घरों के आसपास की दीवारें और पशु बाड़ों को नुकसान पहुंचने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे ग्रामीणों में गहरी चिंता और भय का माहौल बना हुआ है।
अधिकारिक जानकारी
स्थानीय संस्थान के संचालक विनोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे हाथी गांव में घुस आया। उसने गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ संस्थान की चहारदीवारी तोड़ दी।
विनोद ने कहा कि हाथियों की आवाज़ और चिंघाड़ से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। उन्होंने बताया कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी हाथियों का झुंड गांव में उत्पात मचा चुका है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि हाथियों के बार-बार आने से खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो रही हैं और आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय हाथियों का आतंक इतना अधिक रहता है कि कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से आग्रह किया कि रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और हाथियों की गतिविधि पर नियंत्रण पाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
अगला कदम — क्या आगे होगा
वन विभाग को घटना की जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त लगाई जाएगी और हाथियों की आमद रोकने के लिए ट्रैकिंग और हाइड्रोकिंग जैसी तकनीकें अपनाई जाएंगी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकला, तो फसल नुकसान और सुरक्षा का संकट बढ़ सकता है।






