
हल्द्वानी: वनभूलपुरा क्षेत्र के एक CSC सेंटर में फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है। शिकायत की पुष्टि के बाद सरकारी दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ और मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद धारा 420 सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कॉमन सर्विस सेंटर सरकारी सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे केंद्रों पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार होने के आरोप न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और पहचान संबंधी प्रक्रियाओं को भी खतरे में डालते हैं। हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में पहले भी दस्तावेज़ संबंधी अनियमितताओं की चर्चाएँ रही हैं, जिससे यह मामला और गंभीर बन जाता है।
आधिकारिक जानकारी
SDM हल्द्वानी राहुल शाह ने बताया कि संबंधित CSC सेंटर में वर्ष 2020 से जारी सभी प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, “यह मामला केवल एक सेंटर तक सीमित नहीं है। पूरे वनभूलपुरा क्षेत्र के CSC सेंटर्स को शक के दायरे में रखा गया है और सभी की व्यापक जांच की जाएगी।”
अधिकारियों के अनुसार, सरकारी दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ और सिस्टम के दुरुपयोग के मामले को अत्यंत गंभीर अपराध माना जा रहा है। टीम जल्द ही सभी रिकॉर्ड की जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
स्थानीय / मानवीय आवाजें
स्थानीय लोगों का कहना है कि वनभूलपुरा क्षेत्र में दस्तावेज़ संबंधी अनियमितताओं की खबरें नई नहीं हैं। कई लोग वर्षों से शिकायत करते आए हैं कि कुछ CSC केंद्रों पर बिना सत्यापन के प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। कई व्यापारियों ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से वैध और ईमानदार आवेदकों को नुकसान उठाना पड़ता है।
जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
हल्द्वानी नगर निगम के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसे रैकेट्स उत्तराखंड में लंबे समय से सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा, “यह काम किसी एक व्यक्ति या सेंटर का नहीं है। इसके पीछे पूरा नेटवर्क है, जो व्यवस्थित तरीके से फर्जी दस्तावेज़ और अन्य अवैध कार्यों में शामिल हो सकता है।”
मेयर ने मांग की कि प्रशासन बड़े स्तर पर अभियान चलाकर ऐसे नेटवर्क पर रोक लगाए, क्योंकि राज्य बनने के बाद इस तरह के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़े / डेटा
– संबंधित CSC सेंटर के 2020 से अब तक जारी सभी प्रमाण पत्रों की जांच जारी।
– वनभूलपुरा क्षेत्र के सभी CSC केंद्र जांच के दायरे में।
– धारा 420 सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ।
आगे क्या
प्रशासन ने संकेत दिया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कई और खुलासे हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और सभी CSC केंद्रों की प्रक्रियाओं के पुनर्मूल्यांकन की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र की आवश्यकता होगी।





