
मुनि की रेती। खारास्रोत पार्किंग के पास अंग्रेजी शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से सोमवार को मृतक अजेंद्र कंडारी की मां विमला देवी और बहन किरन चौहान मिलीं। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ अपना दुख साझा करते हुए ठेका बंद कराने की मांग का समर्थन किया। दूसरी ओर, राजस्व विभाग की टीम ने ठेका संचालक द्वारा कब्जाई गई अतिरिक्त भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
मृतक की मां और बहन ने दिया प्रदर्शनकारियों को समर्थन
सोमवार को मुनि की रेती स्थित खारास्रोत पार्किंग के पास चल रहे धरने में मृतक अजेंद्र कंडारी की मां विमला देवी और बहन किरन चौहान पहुंचीं।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर कहा कि —
“हमारे बेटे की मौत ने हमें झकझोर दिया है। अब यह ठेका हटना ही चाहिए ताकि इस क्षेत्र में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।”
धरने पर बैठे लोगों ने भी विमला देवी को सांत्वना दी और आंदोलन को जनहित का आंदोलन बताया।
राजस्व विभाग ने शुरू की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

उधर, राजस्व विभाग की टीम सोमवार सुबह ठेका परिसर में अतिक्रमण हटाने पहुंची। अधिकारियों के अनुसार, ठेका संचालक को राजस्व भूमि के केवल 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में संचालन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसने 214 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा कर ठेका संचालित करना शुरू कर दिया था, जो 114 वर्ग मीटर अतिरिक्त पाया गया।
राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में मजदूरों ने अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू किया। कार्यवाही के दौरान ठेका परिसर की दीवारें और अतिरिक्त शेड हटाए गए।
संयुक्त संघर्ष समिति का धरना जारी

इस बीच, संयुक्त संघर्ष समिति का धरना खारास्रोत पार्किंग में सोमवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे ठेका परिसर को स्थायी रूप से हटाया जाए, क्योंकि यह धार्मिक स्थल और आबादी क्षेत्र के नजदीक है, जिससे सामाजिक माहौल पर बुरा असर पड़ रहा है।
संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि जब तक ठेका पूरी तरह बंद नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मौजूद रहे प्रमुख लोग
धरने में विकास चंद्र रयाल, दिनेश मास्टर, तनु रावत, प्रदीप राणा, हिमांशु बिजल्वाण, संजय सिलस्वाल, रामेश्वरी चौहान और सरदार पुंडीर सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।







