
देहरादून: लक्खीबाग निवासी 26 वर्षीय ज्योति की डिलीवरी के दौरान हुए ऑपरेशन में डॉक्टरों की लापरवाही से पेट में पट्टी छूट गई, जिसके कारण गंभीर इंफेक्शन से उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने मदर केयर अस्पताल के सामने शव रखकर हंगामा किया। प्राथमिक जांच के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर इसे सील कर दिया। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
घटना का विवरण
29 जनवरी 2025 को लक्खीबाग निवासी प्रज्वल की पत्नी ज्योति की मदर केयर अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। प्रज्वल सहारनपुर चौक पर पंक्चर की दुकान चलाते हैं। ऑपरेशन के बाद ज्योति ने एक बेटी को जन्म दिया। कुछ दिन अस्पताल की निगरानी में रहने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसके बाद ज्योति को बार-बार पेट दर्द की शिकायत हुई। परिजनों ने कई बार उन्हें मदर केयर अस्पताल में दिखाया, लेकिन डॉक्टरों ने हर बार स्थिति को सामान्य बताकर दवाएं देकर टाल दिया।
ज्योति की हालत बिगड़ती गई और वह रात-रात भर दर्द के कारण सो नहीं पा रही थी। तीन दिन पहले परिजन उन्हें ग्राफिक एरा अस्पताल ले गए, जहां जांच में पेट में गंभीर इंफेक्शन का पता चला। 18 अक्टूबर 2025 को हुए ऑपरेशन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ज्योति के पेट में डिलीवरी के ऑपरेशन के दौरान छोड़ी गई पट्टी थी, जिसके कारण इंफेक्शन फैला। रविवार, 19 अक्टूबर की रात ज्योति की मृत्यु हो गई।
परिजनों का हंगामा
ज्योति की मृत्यु के बाद गुस्साए परिजनों ने 20 अक्टूबर को उनके शव को मदर केयर अस्पताल के सामने रखकर हंगामा शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर डालनवाला मनोज मैनवाल ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत किया और सीएमओ को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ज्योति की जान गई।
प्रज्वल, ज्योति के पति, “डॉक्टरों ने बार-बार कहा कि कुछ नहीं है, लेकिन ग्राफिक एरा में पता चला कि पट्टी छूटी थी। उनकी लापरवाही ने मेरी पत्नी की जान ले ली।”
अस्पताल पर कार्रवाई
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद मदर केयर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है और इसे सील कर दिया गया है। मामले की गहन जांच के लिए एसीएमओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसे जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीएमओ, “अस्पताल को सील कर दिया गया है और रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है। जांच समिति जल्द अपनी रिपोर्ट देगी।”







