
ऋषिकेश: विश्व प्रसिद्ध राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में पर्यटक 15 नवंबर 2025 से जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। पार्क प्रशासन ने जंगल सफारी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। पर्यटन व्यवसायी और सफारी वाहन स्वामी 25 अक्टूबर तक आवेदन पत्र वेबसाइट या प्रधान कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं, और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025 है। हर साल 15 नवंबर से 15 जून तक खुलने वाला यह पार्क पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है और इससे पार्क प्रशासन को प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है।
राजाजी टाइगर रिजर्व: वन्यजीवों का अनूठा संसार
राजाजी टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यह पार्क एशियाई हाथी और बाघों का प्रमुख आवास है। इसके अलावा, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, हिमालयी काला भालू, स्लॉथ भालू, धारीदार लकड़बग्घा, सांभर, जंगली सुअर, चित्तीदार हिरण, बार्किंग हिरण और कई अन्य प्रजातियां यहां पाई जाती हैं। यह पार्क प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव उत्साही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
जंगल सफारी की विशेषताएं
पार्क की चार रेंजों में जंगल सफारी संचालित की जाती है:
- चिल्लावाली रेंज: 30 किमी
- हरिद्वार रानीपुर रेंज: 24 किमी
- मोतीचूर रेंज: 22 किमी
- चीला रेंज: 36 किमी
इन रेंजों में 160 से अधिक जंगल सफारी वाहन संचालित होते हैं, जो करीब 200 स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। सफारी के दौरान पर्यटक वन्यजीवों के साथ-साथ पार्क की प्राकृतिक सुंदरता का भी लुत्फ उठा सकते हैं।
तैयारियां और मरम्मत कार्य
वर्तमान में पार्क में गेट और सड़कों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। पार्क प्रशासन के अनुसार, 31 अक्टूबर तक सभी रेंजों में सफारी ट्रैक तैयार हो जाएंगे। इसके साथ ही, पर्यटकों की सुविधा के लिए अन्य व्यवस्थाएं, जैसे पेयजल, शौचालय और सुरक्षा उपाय, भी पूर्ण कर ली जाएंगी।
अजय लिंगवाल, एसीएफ, राजाजी टाइगर रिजर्व, “जंगल सफारी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। पर्यटन व्यवसायी 25 अक्टूबर तक फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं और 30 अक्टूबर तक जमा कर सकते हैं। हम पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए तैयार हैं।”







