
देहरादून: सुरकंडा देवी मंदिर के लिए रोपवे का संचालन दीपावली के दिन, 20 अक्टूबर 2025 को पूरी तरह बंद रहेगा। रोपवे कंपनी के समन्वयक नरेश बिजल्वाण ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगले दिन, 21 अक्टूबर से रोपवे का संचालन सुबह 8 बजे से विधिवत शुरू हो जाएगा। इस बंदी के कारण श्रद्धालुओं को कद्ददूखाल से मंदिर तक लगभग डेढ़ किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होगी।
रोपवे बंदी का प्रभाव
सुरकंडा देवी मंदिर, उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, और दीपावली पर हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। 2024 की एक पर्यटन रिपोर्ट के अनुसार, दीपावली के दौरान सुरकंडा मंदिर में 10,000 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। रोपवे बंद होने से श्रद्धालुओं को पैदल चढ़ाई करनी होगी, जो खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
स्थानीय निवासी रमेश नेगी ने कहा, “रोपवे बंद होने से परेशानी होगी, लेकिन मंदिर तक पैदल पहुंचना भी एक आध्यात्मिक अनुभव है। फिर भी, सुविधा के लिए पहले से सूचना देना अच्छा कदम है।”
रोपवे संचालन का समय
नरेश बिजल्वाण ने बताया कि दीपावली के बाद 21 अक्टूबर से रोपवे अपने नियमित समय, सुबह 8 बजे से शुरू होगा। रोपवे की सुविधा ने हाल के वर्षों में मंदिर तक पहुंच को आसान बनाया है। 2024 में रोपवे से 50,000 से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ हुआ।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
रोपवे बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे 20 अक्टूबर को कद्ददूखाल से मंदिर तक पैदल यात्रा की तैयारी करें। पैदल मार्ग पर पानी और अन्य जरूरी सामान साथ रखने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने भी मंदिर मार्ग पर सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने की बात कही है।







