
ऋषिकेश: उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने विभिन्न मांगों को लेकर परिवहन आयुक्त द्वारा बुलाई गई बैठक को टालने पर गहरा रोष जताया। टीजीएमओ कार्यालय में हुई बैठक में महासंघ ने 25 अक्टूबर 2025 को गढ़वाल मंडल में चक्का जाम करने का ऐलान किया। यह आंदोलन ऋषिकेश समेत गढ़वाल के सभी जिलों में होगा। पूर्व महासंघ अध्यक्ष संजय शास्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिवहन यूनियनों ने एटीएस संचालन, टैक्स माफी, और किराया बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर शासन को अल्टीमेटम दिया।
परिवहन महासंघ की मांगें
संजय शास्त्री ने कहा कि एआरटीओ ऋषिकेश में नवनिर्मित आटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का संचालन शुरू नहीं हुआ, जिससे वाहन स्वामी और परिवहन कारोबारी परेशान हैं। वाहन स्वामियों को 30 किमी दूर लालतप्पड़ के एटीएस में भेजा जा रहा है। उन्होंने एटीएस को तुरंत शुरू करने की मांग की।
अन्य मांगें:
- टैक्स माफी: आपदा और कम यात्रा के कारण वाहनों का एक साल का टैक्स माफ हो और चालक-परिचालकों को आर्थिक मदद दी जाए।
- किराया और टैक्स: एसटीए की बैठक में 5% टैक्स बढ़ाया गया, लेकिन किराया बढ़ाने पर सहमति थी। इसे लागू किया जाए।
- अस्तित्वविहीन वाहन: पुराने बकाया टैक्स पर माफी नीति बनाई जाए।
- माल वाहन: पर्वतीय क्षेत्रों में माल वाहनों का टैक्स 18,200 से बढ़ाकर 18,500 रुपये किया जाए।
- धर्मकांटा: भद्रकाली और तपोवन में मुख्य मार्ग पर धर्मकांटा लगाया जाए।
- स्थानीय कारोबार: नेपाली फार्म पर ई-बसों से उतरने वाले यात्रियों को सूमो, जीप, और डग्गामार वाहन ले जा रहे हैं, जिससे स्थानीय परिवहन कारोबारियों को नुकसान हो रहा है।
चक्का जाम की चेतावनी
यातायात निवर्तमान अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने बताया कि परिवहन आयुक्त ने 18 अक्टूबर को बैठक बुलाई थी, जिसे रद्द कर दिया गया। टीजीएमओ अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी ने कहा, “अगर शासन और विभाग हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं करते, तो 25 अक्टूबर को गढ़वाल मंडल में चक्का जाम होगा।” 24 अक्टूबर को एक बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
2024 की एक परिवहन रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में 30% परिवहन कारोबारी टैक्स और सुविधाओं की कमी से प्रभावित हैं, जिसने इस आंदोलन को और प्रासंगिक बनाया है।
स्थानीय प्रभाव
ऋषिकेश के परिवहन कारोबारी रमेश रावत ने कहा, “एटीएस की कमी और टैक्स का बोझ हमें परेशान कर रहा है। चक्का जाम आखिरी रास्ता है।” उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट यूनियन अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी ने भी मांगों का समर्थन किया। बैठक में दिनेश बहुगुणा, नवीन रमोला, भोपाल सिंह नेगी, योगेश उनियाल, महाबीर सिंह रावत, सुधीर राय, और भजन सिंह नेगी समेत कई लोग मौजूद थे।







