
मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में इस साल का विंटर लाइन कार्निवल 24 दिसंबर से खास अंदाज में शुरू होगा। इस आयोजन को उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक और ‘पहाड़ी गांधी’ के नाम से प्रसिद्ध स्व. इंद्रमणि बडोनी की 100वीं जयंती को समर्पित किया गया है। एसडीएम मसूरी राहुल आनंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर पालिका, स्थानीय कलाकारों, होटल व्यवसायियों, व्यापार मंडल, और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्निवल में उत्तराखंडी संस्कृति और स्थानीय कलाकारों को केंद्र में रखा जाएगा।
कार्निवल की तैयारियां और थीम
उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने सुझाव दिया कि कार्निवल को इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर समर्पित किया जाए, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। आयोजन 24 दिसंबर 2025 को शोभा यात्रा, इंद्रमणि बडोनी के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री, और नाट्य प्रस्तुति के साथ शुरू होगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराना है।
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा, “नगर पालिका इस आयोजन में पूरा सहयोग देगी। हम चाहते हैं कि स्थानीय कलाकारों के लिए अलग मंच हो, जहां वे लोक कला, संगीत, और नृत्य का प्रदर्शन कर सकें।” उन्होंने स्थानीय खिलाड़ियों को भी शामिल करने का सुझाव दिया।
व्यापक आयोजन और फंड की व्यवस्था
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि कार्निवल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। फंड की व्यवस्था समय पर शुरू कर दी गई है, क्योंकि इस आयोजन का बजट काफी बड़ा होता है। इस बार कार्निवल को मसूरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि झड़ीपानी, हैप्पी वैली, और लंढौर बाजार जैसे आसपास के क्षेत्रों को भी सजावट और कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। इससे पर्यटकों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक छवि का अनुभव होगा।
2024 में विंटर लाइन कार्निवल में 50,000 से अधिक पर्यटक शामिल हुए थे, और इस साल यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। एसडीएम ने कहा, “हमारा लक्ष्य मसूरी को सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में और मजबूत करना है।”
इंद्रमणि बडोनी का योगदान
इंद्रमणि बडोनी, जिन्हें ‘पहाड़ी गांधी’ कहा जाता है, ने उत्तराखंड आंदोलन और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी 100वीं जयंती को समर्पित यह कार्निवल उनके योगदान को सम्मान देने का प्रयास है। डॉक्यूमेंट्री और नाट्य प्रस्तुति के जरिए उनके जीवन और कार्यों को युवाओं तक पहुंचाया जाएगा।
स्थानीय निवासी अनिल रावत ने कहा, “बडोनी जी को समर्पित यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करेगा। यह मसूरी के लिए गर्व की बात है।”
स्थानीय संस्कृति पर जोर
इस बार कार्निवल में उत्तराखंडी लोक कला, संगीत, और नृत्य को विशेष महत्व दिया जाएगा। मीरा सकलानी ने सुझाव दिया कि स्थानीय खिलाड़ियों के लिए खेल आयोजन भी शामिल किए जाएं, ताकि युवाओं की भागीदारी बढ़े। 2024 की एक पर्यटन रिपोर्ट के अनुसार, मसूरी में सांस्कृतिक आयोजनों से 20% अधिक पर्यटक आकर्षित हुए थे। इस बार भी यह कार्निवल पर्यटन को बढ़ावा देगा।
निष्कर्ष: सांस्कृतिक उत्सव की तैयारी
मसूरी विंटर लाइन कार्निवल 2025 इंद्रमणि बडोनी को समर्पित होकर उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। 24 दिसंबर से शुरू होने वाला यह आयोजन शोभा यात्रा, डॉक्यूमेंट्री, और स्थानीय कलाकारों के प्रदर्शन से सजा होगा। झड़ीपानी और लंढौर जैसे क्षेत्रों को शामिल करने से यह मसूरी की सांस्कृतिक छवि को और मजबूत करेगा।







