
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को तेज करने के लिए केंद्र सरकार के 10 मंत्रालयों से सहयोग मांगा है। इसमें सड़क, रेलवे, दूरसंचार, स्वच्छता, और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन कार्यों के पूरा होने से हरिद्वार में कुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और सरकार को आयोजन प्रबंधन में आसानी होगी। सचिव कुंभ नितेश झा ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से कुंभ को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। इसके लिए 13,440 सामुदायिक शौचालय और 8,000 कर्मचारियों की तैनाती की योजना है।
मंत्रालयों से अनुरोध: सड़क, रेल, और बुनियादी सुविधाएं
उत्तराखंड सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों से निम्नलिखित कार्य जल्द पूरे करने का अनुरोध किया है:
- सड़क परिवहन मंत्रालय:
- हरिद्वार बाईपास फेज-1 को एनएच 334 बहादराबाद और एनएच 34 कांगड़ी से जोड़ना।
- हरिद्वार-नजीबाबाद एनएच 34 के बचे हुए कार्य को पूरा करना।
- हरिद्वार बाईपास फेज-2 के तहत नजीबाबाद रोड से नेपाली फार्म तक सड़क निर्माण।
- रेलवे मंत्रालय:
- 12 रेलवे प्रोजेक्ट पूरे करने की मांग, जिसमें शामिल हैं:
- विशेष ट्रेनों की व्यवस्था।
- रेलवे स्टेशनों का विस्तार और होल्डिंग एरिया बनाना।
- देहरादून-हरिद्वार रेलवे लाइन को डबल करना।
- 12 रेलवे प्रोजेक्ट पूरे करने की मांग, जिसमें शामिल हैं:
- जल शक्ति मंत्रालय:
- मेला क्षेत्र में पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत करना।
- दूरसंचार मंत्रालय:
- हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करना।
- पर्यटन मंत्रालय:
- हरिद्वार और उत्तराखंड के प्रमुख स्थानों को पर्यटन के लिए प्रोत्साहित करना।
- संस्कृति मंत्रालय:
- ग्लोबल डिजिटल कैंपेन, सांस्कृतिक प्रदर्शन, और वाटर लेजर शो जैसे आयोजनों के लिए सहयोग।
- सूचना और प्रसारण मंत्रालय:
- सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए समर्थन।
- गृह मंत्रालय:
- सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, और कानून व्यवस्था के लिए व्यवस्था।
- विदेश मंत्रालय:
- विदेशी पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवक को सुगम बनाने के लिए सहायता।
- सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय:
- सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) जैसे कंप्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल फोन, और सॉफ्टवेयर का उपयोग।
स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं
कुंभ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। सचिव कुंभ नितेश झा ने बताया कि:
- 13,440 सामुदायिक शौचालय, 4,000 से अधिक यूरिनल टॉयलेट, और 3,000 मोबाइल टॉयलेट बनाए जाएंगे।
- स्वच्छता के लिए 8,000 कर्मचारियों की तैनाती होगी।
इन सुविधाओं से मेला क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने में मदद मिलेगी। 2024 की एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुंभ मेले में स्वच्छता की कमी के कारण कई शिकायतें आई थीं, जिसे इस बार सुधारने की कोशिश की जा रही है।
कुंभ 2027 का महत्व
कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए आते हैं। 2021 के कुंभ में करीब 70 लाख श्रद्धालु शामिल हुए थे, और 2027 में यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि कुंभ 2027 को न केवल भव्य बनाया जाए, बल्कि श्रद्धालुओं को हर तरह की सुविधा दी जाए। सड़क, रेल, और दूरसंचार जैसी सुविधाओं के विकास से न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
चुनौतियां और अपेक्षाएं
कुंभ मेला जैसे विशाल आयोजन में सुरक्षा, स्वच्छता, और आवागमन की व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती होती है। सचिव नितेश झा ने कहा, “केंद्र सरकार के मंत्रालयों का सहयोग हमें इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में मदद करेगा।” स्थानीय लोग और व्यापारी भी इस तैयारी से उत्साहित हैं। हरिद्वार के एक व्यापारी राकेश शर्मा ने कहा, “अगर सड़कें और रेल सुविधाएं बेहतर होंगी, तो श्रद्धालुओं को आसानी होगी और हमारा कारोबार भी बढ़ेगा।”
भव्य कुंभ की तैयारी
उत्तराखंड सरकार की कुंभ 2027 की तैयारियां जोरों पर हैं। 10 केंद्रीय मंत्रालयों से सहयोग लेकर सड़क, रेल, स्वच्छता, और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार किया जा रहा है। 13,440 शौचालय और 8,000 कर्मचारियों की तैनाती से मेला क्षेत्र को साफ और सुव्यवस्थित रखने की कोशिश है।







