
विकासनगर: सहसपुर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के छात्र आयुष दयाल (19) का शव कोट नदी के पास कोटी ढलानी से बरामद हुआ। पुलिस और SDRF ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और पोस्टमॉर्टम के लिए विकासनगर मोर्चरी भेजा। प्रारंभिक जांच में मृत्यु का कारण गीली पहाड़ी से फिसलकर पत्थरों पर गिरना बताया जा रहा है।
घटना: भद्राज मंदिर ट्रैकिंग के दौरान गुमशुदा हुआ छात्र
12 अक्टूबर को आयुष दयाल (पुत्र राकेश दयाल, निवासी रेलवे हरथला कॉलोनी, चंद्रनगर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश) अपने तीन सहपाठियों विधान कुमार, नितेश कुमार गौरव, और अभय चौहान के साथ भद्राज मंदिर दर्शन के लिए ट्रैकिंग पर निकला था।
- आयुष का गायब होना: ट्रैकिंग के दौरान आयुष आधे रास्ते में रुक गया और वापस लौटने की बात कहकर मुड़ गया।
- सहपाठियों की वापसी: बाकी तीन छात्र मंदिर गए और लौटने पर आयुष रास्ते में नहीं मिला। उसकी स्कूटी जहां खड़ी थी, वही मिली, लेकिन वह यूनिवर्सिटी नहीं पहुंचा।
सहपाठियों ने इसकी सूचना कोतवाली सहसपुर को दी।
पुलिस और SDRF की कार्रवाई
- 12 अक्टूबर की रात: पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन रात गहराने के कारण अभियान रोकना पड़ा।
- 13 अक्टूबर: सुबह पुलिस, SDRF, परिजन, और स्थानीय लोग शामिल होकर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
- शव की बरामदगी: शाम को आयुष दयाल का शव कोट नदी के पास कोटी ढलानी में मिला।
कोतवाली सहसपुर प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया:
“प्रथम दृष्टया आयुष की मृत्यु गीली पहाड़ी से फिसलकर पत्थरों पर गिरने से हुई प्रतीत होती है। शव को पंचायतनामा और पोस्टमॉर्टम के लिए विकासनगर मोर्चरी भेजा गया है। मामले की जांच जारी है।”
सामाजिक और जांच संबंधी प्रभाव
- ट्रैकिंग सुरक्षा: यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग के दौरान सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती है। गीली पहाड़ियों पर फिसलन से खतरे बढ़ जाते हैं।
- परिजनों का शोक: आयुष के परिवार और सहपाठियों में शोक की लहर है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी दुख जताया।
- जांच: पुलिस और SDRF की त्वरित कार्रवाई से शव बरामद हुआ, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मृत्यु के सटीक कारण को स्पष्ट करेगी।







