
देहरादून: देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में इटली में नौकरी लगाने के नाम पर एक व्यक्ति से 11 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दो साल का वर्किंग वीजा बनाने का वादा किया, लेकिन केवल चार महीने का वीजा बनवाया। पीड़ित का बेटा इटली पहुंचने पर खाली बैठा रहा, और नौकरी की मांग पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत की, जिसके आधार पर पटेलनगर कोतवाली ने चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह मामला उत्तराखंड में बढ़ते विदेशी नौकरी घोटालों की कड़ी का हिस्सा लगता है, जहां युवाओं को फर्जी वादों से लूटा जा रहा है।
ठगी की पूरी कहानी: फर्जी वीजा और मारपीट
पीड़ित अवतार सिंह (सिंघल मंडी, कारगी रोड, पटेलनगर) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 2023 में उनकी मुलाकात हरचरण मल्ली (पंजाब) और उसके जीजा नरेंद्र उर्फ राजा (बटाला, पंजाब) से हुई। इनके साथ संदीप और अमृतपाल भी शामिल थे। हरचरण ने अवतार के बेटे को इटली भेजकर मासिक 2 लाख रुपये वेतन वाली नौकरी लगाने का लालच दिया। उसने दावा किया कि वह चीन, जापान, अमेरिका, आइसलैंड, और इंडोनेशिया जैसे देशों में युवाओं को वर्किंग वीजा दिलाता है।
अवतार परिवार जाल में फंस गया। 2023 में उन्होंने यूनियन बैंक के माध्यम से हरचरण के खाते में 11 लाख रुपये ट्रांसफर किए। आरोपियों ने अगस्त 2024 में कागजात और वीजा तैयार होने का हवाला देकर 17 सितंबर 2024 को बेटे का इटली टिकट बनवाया और भेज दिया। लेकिन वीजा केवल चार महीने का था, जबकि वादा दो साल का था। इटली पहुंचने पर बेटे को चार महीने तक खाली बैठाया गया। नौकरी की मांग पर नरेंद्र ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
बेटा नरेंद्र की “चुंगल” से भागा और 14 जनवरी 2025 को इटली पुलिस ने उसे सुरक्षा में लिया। अब भी आरोपी धमकी दे रहे हैं कि शिकायत की तो बेटे को मार देंगे। अवतार ने कहा, “हमने सब कुछ दांव पर लगा दिया, लेकिन सिर्फ धोखा मिला।”
पुलिस कार्रवाई: मुकदमा दर्ज, जांच जारी
पटेलनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर हरचरण मल्ली, नरेंद्र उर्फ राजा, संदीप, और अमृतपाल के खिलाफ IPC धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (आपराधिक धमकी), और 34 (साझा इरादा) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
निरीक्षक ने कहा, “यह विदेशी नौकरी घोटालों का बढ़ता सिलसिला है। हम जांच में बैंक रिकॉर्ड, वीजा दस्तावेज, और इटली पुलिस से संपर्क कर रहे हैं। पीड़ित को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है।”
उत्तराखंड में विदेशी नौकरी घोटालों का बढ़ता खतरा
यह मामला उत्तराखंड में विदेशी नौकरी के नाम पर ठगी के बढ़ते मामलों को उजागर करता है। हाल ही में देहरादून में ही एक कंसल्टेंसी फर्म ने नेपाली युवाओं को फर्जी जॉब ऑफर देकर लूटा, और कई युवा आर्मेनिया जैसे देशों में फंस गए। TOI की रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024-25 में ऐसे घोटालों में 50 लाख से अधिक की ठगी हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी और विदेशी सपनों का फायदा उठाकर एजेंट फर्जी वीजा और दस्तावेज बनाते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेशी नौकरी के वादों पर भरोसा करने से पहले MEA (विदेश मंत्रालय) या स्थानीय पुलिस से सत्यापन कराएं। पीड़ितों को सलाह दी गई है कि वे साइबर सेल या थाने में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।







