
देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड में कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर सरकार ने रफ्तार बढ़ा दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने उच्च स्तरीय बैठक में कार्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी और विभागों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए।
लंबित आदेश तुरंत जारी करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जिन कार्यों के शासनादेश (जीओ) अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए। साथ ही एक करोड़ रुपये तक के अस्थायी कार्यों के लिए आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता वाली समिति को स्वीकृति देने के अधिकार दिए जाएंगे।
धार्मिक स्थलों के कार्यों को प्राथमिकता
कुंभ से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थल—चंडी देवी मंदिर और मंशा देवी मंदिर—में विकास कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
टेंट, बैरीकेडिंग और व्यवस्थाओं के लिए बिडिंग शुरू
कुंभ मेले के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं जैसे टेंट, बैरीकेडिंग और अन्य सुविधाओं के लिए एजेंसियों के चयन हेतु बिडिंग प्रक्रिया तुरंत शुरू करने को कहा गया है। सभी विभागों के सचिवों और अधिकारियों को अपने स्तर पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पारदर्शिता के लिए ऑडिट टीम तैनात होगी
मुख्य सचिव ने कुंभ कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑडिट टीम तैनात करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सूचना, पर्यटन और संस्कृति विभाग को अगली बैठक में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया है।
ट्रैफिक प्लान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी
कनखल क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मेला अधिकारी सोनिका को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया है।
191 करोड़ के 33 कार्य स्वीकृत
मेला अधिकारी के अनुसार, विभिन्न विभागों के कुल 33 कार्य स्वीकृत हैं, जिनकी लागत लगभग 191.30 करोड़ रुपये है। इनमें से 31 कार्यों पर काम शुरू हो चुका है, जबकि दो कार्यों की निविदा प्रक्रिया जारी है।
समयसीमा तय, नियमित होगी मॉनिटरिंग
सरकार ने सभी निर्माण कार्यों को अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विभाग नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि समयसीमा के भीतर कार्य पूरे किए जा सकें।







