
देहरादून: रंगोत्सव से पहले सोमवार को देहरादून में श्रद्धा और उत्साह के साथ होलिका पूजन किया गया। शहर के सैकड़ों स्थानों पर दिनभर महिलाएं और परिवार पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना में शामिल हुए। देर रात जयकारों के बीच होलिका दहन संपन्न हुआ। महिलाओं ने परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर मनाया जाता है और इसे बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। भक्त प्रह्लाद की कथा से जुड़ा यह पर्व आस्था, विश्वास और सत्य की जीत का संदेश देता है।
दून शहर के परम विहार, निरंजनपुर, प्रिंस चौक, धामावाला, बंजारावाला सहित कई क्षेत्रों में होलिका को सजाकर पूजा की गई। सुबह से ही महिलाएं थाली में रोली, चावल, फूल और गुड़ लेकर पूजा स्थलों पर पहुंचीं।
पूजन और उत्सव का स्वरूप
होलिका के चारों ओर परिक्रमा कर बड़ों का आशीर्वाद लिया गया। बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया। पर्वतीय कल्याण समिति मोहनपुर स्मिथनगर की ओर से सामुदायिक भवन में सामूहिक होलिका पूजन आयोजित किया गया।
रात के समय विधिवत मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन हुआ। इसके बाद कई स्थानों पर होली के पारंपरिक गीत गाए गए और लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि होलिका पूजन केवल परंपरा नहीं, बल्कि परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना का अवसर है। कई परिवार हर वर्ष एक साथ पूजा में शामिल होकर सामाजिक एकता का संदेश देते हैं।
आगे क्या होगा
होलिका दहन के बाद आज रंगों की होली शहरभर में मनाई जाएगी। प्रशासन की ओर से प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई हैं, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
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