
जौलीग्रांट (देहरादून): एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट में मासिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें राज्यभर की सभी पोस्टों से अधिकारी और कार्मिक वर्चुअल माध्यम से जुड़े। सम्मेलन की अध्यक्षता सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने की। उन्होंने प्रत्येक पोस्ट की समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को सुनते हुए समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। आगामी चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई। सेनानायक ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
उन्होंने पर्वतीय और हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू प्रबंधन को तकनीकी रूप से मजबूत करने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया।
प्रशासनिक निर्देश
सेनानायक ने सभी कार्मिकों से अनुशासन, समर्पण और उच्च व्यावसायिक दक्षता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विश्वास और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
सम्मेलन में उप सेनानायक शांतनु पाराशर, निरीक्षक राजीव रावत सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
चारधाम यात्रा से जुड़े स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि यात्रा सीजन में एसडीआरएफ की सक्रियता से श्रद्धालुओं को सुरक्षा का भरोसा मिलता है। उनका मानना है कि समय पर रेस्क्यू और त्वरित कार्रवाई से दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
आगे क्या होगा
आगामी दिनों में यात्रा मार्गों पर तैनाती, उपकरणों की जांच और विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। एसडीआरएफ मुख्यालय की ओर से सभी पोस्टों को समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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