
हरिद्वार (रावली महदूद–सलेमपुर): बोर्ड परीक्षा के दौरान हाईस्कूल हिंदी पेपर में मंगलवार को आठ फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ लिया गया। ये छात्र-छात्राएं पंजीकृत अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा केंद्र पर कक्ष निरीक्षकों को संदेह होने पर जांच की गई, जिसमें मामला सामने आ गया। केंद्र व्यवस्थापक ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, रावली महदूद के हाईस्कूल छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज, सलेमपुर में बनाया गया था। मंगलवार को हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा के दौरान नियमित चेकिंग में अलग-अलग कक्षों में आठ परीक्षार्थी संदिग्ध पाए गए। इनमें चार छात्र और चार छात्राएं शामिल थीं।
कक्ष निरीक्षकों ने जब प्रवेश पत्र का मिलान परीक्षार्थियों के चेहरे से किया तो असंगति नजर आई। पूछताछ में बच्चे घबराने लगे, जिससे शक गहरा गया। अलग से पूछताछ करने पर स्पष्ट हुआ कि ये पंजीकृत अभ्यर्थी नहीं हैं।
जांच में सामने आया कि प्रवेश पत्रों पर फोटो बदलकर इन्हें परीक्षा में बैठाया गया था।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
केंद्र व्यवस्थापक सुरेशचंद्र द्विवेदी ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी आठ आरोपियों को हिरासत में लिया।
तहरीर के आधार पर आठों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल है।
कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल
जिस इंटर कॉलेज के पंजीकृत छात्र-छात्राओं की जगह दूसरे बच्चे परीक्षा देने पहुंचे, उस संस्थान के प्रधानाचार्य की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आशंका जताई जा रही है कि प्रवेश पत्र पर फोटो बदलने की प्रक्रिया बिना संस्थान स्तर की मिलीभगत के संभव नहीं है। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से दी गई तहरीर में ऐसे बिंदुओं का उल्लेख बताया जा रहा है, जिनसे जांच का दायरा कॉलेज प्रशासन तक पहुंच सकता है।
हालांकि इस संबंध में संबंधित प्रधानाचार्य की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है। अभिभावकों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
कुछ शिक्षकों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि कक्ष निरीक्षकों की सतर्कता से बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हो सका।
आगे क्या होगा
पुलिस प्रवेश पत्र, फोटो और परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। संबंधित कॉलेज प्रशासन और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो परीक्षा अधिनियम और आपराधिक धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई संभव है।
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