
रानीपोखरी (डोईवाला): रानीपोखरी में स्वर्गीय राजेंद्र शाह इंटर कॉलेज के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित करीब सौ वर्ष पुराने पीपल वृक्ष को हाईवे चौड़ीकरण की जद से बचाने के लिए शनिवार को संयुक्त निरीक्षण किया गया। वन विभाग, वन विकास निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने माना कि वृक्ष को पूरी तरह कटान से बचाने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की प्रस्तावित परियोजना के तहत बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान का प्रस्ताव है। इसी क्रम में यह पीपल वृक्ष भी चौड़ीकरण की जद में आ रहा था।
शुक्रवार को अधिवक्ता एवं समाजसेवी लक्ष्मी प्रसाद बहुगुणा ने वृक्ष को कटने से बचाने के लिए पेड़ से लिपटकर विरोध किया था। बाद में वे पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर धरने पर बैठ गए। विरोध के बाद वन विभाग ने कटान की कार्रवाई रोक दी थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
बड़कोट रेंजर धीरज रावत ने बताया कि संयुक्त निरीक्षण में पाया गया कि वृक्ष काफी पुराना और महत्वपूर्ण है। फिलहाल इसे प्रत्यारोपित करना संभव नहीं लग रहा है। इसलिए इसे चौड़ीकरण की जद से बचाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों ने निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है। अंतिम निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्राम प्रधान और स्थानीय लोग भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पीपल वृक्ष आस्था और पर्यावरण दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उनका आग्रह है कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संतुलन को भी ध्यान में रखा जाए।
आगे क्या होगा
उच्च अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट पर निर्णय लिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल पेड़ का कटान रोका गया है।
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