
रानीपोखरी: न्याय पंचायत क्षेत्र रानीपोखरी के अंतर्गत लिष्ट्राबाद गांव में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) खोलने की मांग को लेकर ग्रामीणों और प्रधान संगठन का धरना प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब विश्वविद्यालय खोलने की अधिसूचना और शिलान्यास किया जा चुका है, तो अब इस पर अनिश्चितता क्यों बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्पष्टता न होने से क्षेत्रवासियों में असंतोष है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि यदि सरकार को रानीपोखरी में विधि विश्वविद्यालय स्थापित नहीं करना था, तो शिलान्यास और अधिसूचना जारी करने की आवश्यकता ही क्या थी। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
रानीपोखरी ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी ने बताया कि विश्वविद्यालय खुलने से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय युवाओं को कानून की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा नेता अरुण शर्मा और स्थानीय निवासी नरेंद्र चौहान ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला ने इस विषय को सदन में उठाया था। संबंधित मंत्री की ओर से विधायक को लिखित जवाब दिया गया था कि रानीपोखरी में प्रस्तावित विधि विश्वविद्यालय के प्रस्ताव को निरस्त करने का सवाल नहीं है।
डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने भी कहा कि रानीपोखरी में विधि विश्वविद्यालय का निर्माण अवश्य किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
धरने में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निर्माण प्रक्रिया स्पष्ट रूप से शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका मानना है कि विश्वविद्यालय बनने से शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों ने सरकार से जल्द ठोस निर्णय और समयबद्ध कार्ययोजना की घोषणा की मांग की है। प्रशासनिक स्तर पर अभी तक निर्माण की समय-सीमा को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
यदि आपके क्षेत्र में कोई घटना, समस्या या जानकारी हो तो हमें ईमेल या फोटो/वीडियो भेजें —
📩 rishikeshnews.com@gmail.com






