
देहरादून: देहरादून जिले में एंटीबायोटिक्स की ओवर द काउंटर (ओटीसी) बिक्री पर रोक लगाने के दावों के बावजूद ज़मीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई और निरीक्षणों के बाद भी बिना डॉक्टर के पर्चे एंटीबायोटिक्स बेचे जाने के मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रवृत्ति से दवाओं का दुरुपयोग बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिले में बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर और भारी बिक्री के आंकड़े इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करते हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंटीबायोटिक्स की अनियंत्रित बिक्री रोकने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, इसके बावजूद नियमों का पालन पूरी तरह नहीं हो पा रहा है। जिले में चार हजार से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित हैं। अनुमान के मुताबिक, हर महीने करीब 3 करोड़ रुपये की एंटीबायोटिक दवाएं बिकती हैं, जो कुल दवा बिक्री का 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा हैं। यह स्थिति बताती है कि एंटीबायोटिक्स आम दवाओं की तरह बेची जा रही हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेंद्र राणा ने बताया कि विभाग की ओर से समय-समय पर निरीक्षण और छापेमारी की जाती है। एक वर्ष में करीब 150 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया। ओटीसी मामलों में 100 फार्म को इंप्रूवमेंट नोटिस दिए गए, जबकि क्रय-विक्रय में अनियमितता पाए जाने पर 50 लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स मिलने से लोग खुद ही दवाएं लेने लगते हैं। कुछ मरीजों ने बताया कि जल्दी ठीक होने की उम्मीद में उन्हें जरूरत से ज्यादा भारी डोज दे दी जाती है, जिससे बाद में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
आंकड़े और तथ्य
प्रशासन के अनुसार, कई मेडिकल स्टोरों पर मरीजों को हल्की डोज की जगह भारी डोज की एंटीबायोटिक्स दी जा रही हैं। यह न केवल अनावश्यक है, बल्कि दवा प्रतिरोध (एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस) जैसी गंभीर समस्या को भी बढ़ावा देती है।
आगे क्या होगा
औषधि प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही एंटीबायोटिक्स लें और नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोरों की जानकारी प्रशासन को दें।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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