
ऋषिकेश: उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने दो दिवसीय केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 36 राजनीतिक प्रस्ताव पारित कर पार्टी का आगामी राजनीतिक एजेंडा स्पष्ट कर दिया है। प्रस्तावों में स्थायी राजधानी गैरसैंण, उत्तराखंड में पूर्ण शराब बंदी और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। बैठक में यह भी साफ किया गया कि यूकेडी आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी चुनावी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
रविवार को श्यामपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि पार्टी जल, जंगल, जमीन, बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार जैसे मूल मुद्दों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि राज्य को बचाने के लिए रिवर्स पलायन बेहद जरूरी है और इसके लिए ठोस नीतियों की आवश्यकता है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस मामले में सरकार या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि यूकेडी के प्रस्तावों को आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने राज्यहित की बजाय दिल्ली दरबार को मजबूत किया है, जिससे जनता का इन दलों से मोहभंग हो चुका है।
यूकेडी नेताओं ने कहा कि आगामी चुनाव में युवा चेहरों को संगठन और चुनाव दोनों में अवसर दिया जाएगा और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग से लगातार संपर्क में रहा जा रहा है।
आगे क्या होगा
यूकेडी नेतृत्व के अनुसार पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। जल-जंगल-जमीन की रक्षा, बेरोजगारी और पलायन रोकने के मुद्दों को लेकर जनसंपर्क अभियान तेज किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि जनता का रुझान तेजी से यूकेडी की ओर बढ़ रहा है।
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