
हरिद्वार: हरिद्वार में राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़कों, पुलों और खंभों पर पोस्टर-बैनर व अवैध लिखावट कर सार्वजनिक संपत्ति का सौंदर्य बिगाड़ने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। कनखल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल शहर की स्वच्छता को प्रभावित करती हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
जिले में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध प्रचार सामग्री, दीवारों पर लिखावट और बैनर लगाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम, एनएचएआई और संबंधित विभागों को निर्देश दिए थे कि सरकारी संपत्ति को विरूपित करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
एसडीएम हरिद्वार जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में एनएचएआई ने थाना कनखल में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 (मुजफ्फरनगर–हरिद्वार खंड) पर चार लेन निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद संचालन एवं रखरखाव चरण के दौरान, कुछ व्यक्तियों द्वारा बार-बार सड़क संरचना और दीवारों पर प्रचार लिखवाया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि एनएचएआई की रखरखाव टीम द्वारा पहले इन लिखावटों को पेंट कर मिटाया गया था, लेकिन कुछ संस्थानों और व्यक्तियों ने दोबारा अवैध लिखावट कर दी, जिसकी सूचना प्रशासन को दी गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवारों और पुलों पर अवैध प्रचार से शहर की सुंदरता प्रभावित होती है। साथ ही अत्यधिक और भद्दे विज्ञापनों के कारण वाहन चालकों का ध्यान भटकता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
आंकड़े और तथ्य
प्रशासन के अनुसार, अवैध लिखावट और पोस्टर-बैनर से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम, 2003 के तहत कार्रवाई की जाती है। इस अधिनियम में दोष सिद्ध होने पर एक वर्ष तक की सजा और 10,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अवैध प्रचार करने वालों के खिलाफ नियमित निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी गतिविधियां सामने आते ही त्वरित कानूनी कदम उठाए जाएं।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
यदि आपके क्षेत्र में कोई घटना, समस्या या जानकारी हो तो हमें ईमेल या फोटो/वीडियो भेजें —
📩 rishikeshnews.com@gmail.com







