
देहरादून: लंबे इंतजार और लगातार आंदोलन के बाद आखिरकार उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मियों के लिए समान कार्य समान वेतन का आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले को उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने यह निर्णय न्यायालय के आदेशों के क्रम में लिया है, जिससे अप्रैल से कर्मचारियों को निर्धारित वेतनमान का लाभ मिलने की उम्मीद है। आदेश जारी होते ही उपनल कर्मियों में संतोष और खुशी का माहौल है, क्योंकि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उपनल कर्मचारी संगठन बीते कई वर्षों से समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन और हड़ताल समाप्त की थी। इसके बाद शासन स्तर पर इस विषय पर मंथन चला और अब औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी ने उत्तराखंड शासन की ओर से यह आदेश जारी किया है। शासनादेश में 12 नवंबर 2018 को कट-ऑफ तिथि निर्धारित की गई है।
जारी आदेश के अनुसार,
अकुशल कर्मियों को वेतन लेवल-1,
अर्धकुशल को लेवल-2,
कुशल कर्मियों को लेवल-4,
उच्च कुशल कर्मियों को लेवल-7,
और अधिकारी वर्ग को लेवल-10 की बेसिक सैलरी अनुमन्य की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने सरकार के इस फैसले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उपनल कर्मियों के लिए ऐतिहासिक है और इससे हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इस आदेश से लंबे समय से चली आ रही असमानता दूर होगी।
आगे क्या होगा
शासनादेश के बाद अब विभागीय स्तर पर इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि उपनल कर्मियों को तय वेतनमान का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल सके।
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