
देहरादून: देहरादून शहर में यूपीसीएल और गैस पाइपलाइन से जुड़े कार्यों के दौरान सड़कों के किनारे की जा रही रोड कटिंग से आम जनता को हो रही असुविधा पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आईएसबीटी क्रॉसिंग, सहारनपुर रोड और माजरा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान रोड कटिंग की शर्तों के उल्लंघन सामने आने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने यूपीसीएल की अनुमति निरस्त करते हुए प्रभावित स्थलों पर तत्काल रिस्टोरेशन के निर्देश दिए हैं। आदेशों की अवहेलना पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
शहर में बिजली व गैस से जुड़ी भूमिगत लाइनों के कार्य के लिए सड़क कटिंग की अनुमति शर्तों के साथ दी जाती है। इससे पहले सविन बंसल ने अधिकारियों को सड़कों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। निरीक्षण में पाया गया कि कई स्थानों पर अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे यातायात बाधित होने के साथ सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
प्रशासन के अनुसार, पावर ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजना के तहत 135 केवी आराघर सब स्टेशन से निर्माणाधीन 132 केवी माजरा–लालतप्पड़ एलआईएलओ लाइन को भूमिगत केबल के माध्यम से बिछाने के लिए अनुमति मांगी गई थी। परियोजना समन्वय समिति की बैठक के बाद 1 जनवरी 2026 को सशर्त अनुमति दी गई थी, जिसके तहत 16 जनवरी से 15 फरवरी तक रात 10 बजे से सुबह 5 बजे के बीच ही रोड कटिंग की इजाजत थी।
निरीक्षण में इन शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर अग्रिम आदेशों तक रोड कटिंग कार्य पर रोक लगा दी गई और अनुमति निरस्त कर दी गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अनियमित रोड कटिंग से जाम, धूल और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था। प्रशासन की कार्रवाई से लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है और मांग की है कि भविष्य में कार्य केवल तय समय और मानकों के अनुसार ही कराया जाए।
आंकड़े और तथ्य
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित परियोजना में 1996 मीटर लंबाई की भूमिगत केबल बिछाई जानी थी। निरीक्षण के दौरान आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड, माजरा क्षेत्र में शर्तों के उल्लंघन पाए गए, जिनमें समयसीमा, सुरक्षा प्रबंध और रोड रिस्टोरेशन शामिल हैं।
आगे क्या होगा
डीएम सविन बंसल ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित स्थलों पर सड़क का भरान कर यथास्थिति में रिस्टोरेशन किया जाए। यदि निर्देशों का पालन नहीं होता है, तो संबंधित अधिशासी अभियंता सहित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनसुविधा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
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