
देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर से जुड़े वायरल ऑडियो के बाद उठे विवाद के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। इसके बाद सोमवार को सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम जांच के लिए उत्तराखंड पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने दिल्ली में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह मामला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि घटना के तीन साल बाद भी उस वीआईपी की पहचान सामने नहीं आ सकी है, जिसका जिक्र लगातार सामने आता रहा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह मामला एक बार फिर तब चर्चा में आया, जब पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक वीआईपी के शामिल होने का दावा किया और एक कथित ऑडियो का भी उल्लेख किया। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि मामला केवल सजा तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे कुछ अनसुलझे सवाल अभी भी बने हुए हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने और जनदबाव के बीच 9 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी। इसके बाद सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और अब जांच टीम उत्तराखंड पहुंच चुकी है।
प्रशासन का कहना है कि जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस मामले में सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब तीनों आरोपियों को सजा मिल चुकी है, तो फिर वीआईपी की पहचान अब तक सामने क्यों नहीं आई। कुछ संगठनों ने सीबीआई जांच को सही दिशा में कदम बताया है।
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आंकड़े और तथ्य
18 सितंबर 2022 को पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में कार्यरत रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। एक सप्ताह बाद नहर से शव बरामद हुआ।
एसआईटी जांच के बाद रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों के खिलाफ करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष ने 97 गवाह बनाए, जिनमें से 47 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को अदालत से उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।
वीआईपी एंगल
इस हत्याकांड के दौरान और उसके बाद कई बार वीआईपी एंगल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि हर बार यह मुद्दा चर्चा में आया, लेकिन किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सका। यही कारण है कि मामला बार-बार जनचर्चा में लौट आता है।
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आगे क्या होगा
सीबीआई की टीम अब उत्तराखंड में रहकर दस्तावेजों, पुराने बयानों और नए साक्ष्यों की जांच करेगी। संभावना जताई जा रही है कि वीआईपी एंगल की गहराई से जांच इस बार जांच का मुख्य फोकस रहेगा। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े अहम घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।
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