
रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के जरिए घने वनों, दुर्लभ वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करते हैं। कॉर्बेट के कई प्रसिद्ध पर्यटन जोनों में से दुर्गादेवी पर्यटन जोन एक ऐसा खास क्षेत्र है, जहां प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाली मंडाल रेंज में स्थित दुर्गादेवी पर्यटन जोन के पास दुर्गादेवी मंदिर स्थित है। इसी प्राचीन मंदिर के नाम पर इस पर्यटन जोन का नाम दुर्गादेवी पड़ा। यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर के आसपास का शांत और हरियाली से भरा वातावरण इस पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।
प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता
दुर्गादेवी पर्यटन जोन अपनी घनी वनस्पति और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। साल और अन्य प्रजातियों के ऊंचे वृक्षों से आच्छादित जंगलों के बीच सफारी का अनुभव पर्यटकों को अलग ही रोमांच देता है। यह जोन विशेष रूप से हाथियों और पक्षियों की विविध प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है, जिस कारण यह वन्यजीव प्रेमियों और बर्ड वॉचर्स के बीच खास लोकप्रिय है।
कॉर्बेट के प्रमुख सफारी जोन
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में कुल आठ सफारी जोन हैं—ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला, दुर्गादेवी, सोननदी, गर्जिया और पाखरो। इनमें से ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला और दुर्गादेवी जोन सबसे अधिक पसंद किए जाते हैं। दुर्गादेवी जोन की खास पहचान इसका पहाड़ी भू-भाग है, जो इसे अन्य जोनों से अलग बनाता है।
नदियों का संगम और खास आकर्षण
यह पर्यटन जोन रामगंगा नदी के तट पर स्थित है। यहां से रामगंगा और मंडाल नदियों का संगम क्षेत्र दिखाई देता है, जो पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित करता है। डोमुंडा पुल के पास के प्राकृतिक नजारे, जंगली हाथियों के झुंड और नदी में पाई जाने वाली महासीर मछली इस क्षेत्र के प्रमुख आकर्षण माने जाते हैं।
दूरी, समय और सफारी व्यवस्था
रामनगर से लगभग 28–30 किलोमीटर दूर स्थित दुर्गादेवी जोन, कॉर्बेट के सबसे दूर स्थित सफारी जोनों में से एक है। यही कारण है कि यहां का वातावरण अपेक्षाकृत शांत और प्राकृतिक बना रहता है। यह जोन हर साल 15 अक्टूबर से 15 जून तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है। प्रतिदिन सुबह की पाली में 30 और शाम की पाली में 30 जिप्सियों के माध्यम से जंगल सफारी कराई जाती है।
क्यों खास है दुर्गादेवी जोन
दुर्गादेवी पर्यटन जोन कॉर्बेट का वह खास हिस्सा है, जहां वन्यजीव पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था एक साथ देखने को मिलती है। यही वजह है कि यहां आने वाले पर्यटक इसे सिर्फ एक सफारी नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव के रूप में याद रखते हैं।







