
देहरादून: कुमाऊं मंडल के सीमांत जिलों पिथौरागढ़ और चंपावत के लोगों को आगामी रविवार, 1 फरवरी, को एक बार फिर लंबी बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। चंडाक स्थित 220/132 केवी पावर ग्रिड उपसंस्थान में तकनीकी परीक्षण के चलते सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक दोनों जिलों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। प्रस्तावित कटौती का असर पर्वतीय क्षेत्रों के सामान्य जनजीवन और बुनियादी सेवाओं पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पिथौरागढ़ के चंडाक स्थित पावर ग्रिड उपसंस्थान में हाल ही में नए सुरक्षा उपकरण लगाए गए थे। ये उपकरण 28 दिसंबर को स्थापित किए गए थे और अब उनकी अंतिम जांच और कमीशनिंग की जानी है। इसी तकनीकी प्रक्रिया के तहत रविवार को यह व्यापक बिजली कटौती प्रस्तावित की गई है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
ऊर्जा निगम के अनुसार, पावर ग्रिड की मांग पर पिथौरागढ़ जिले के एमईएस, जाखपंत, बिण, बांस, कंतगांव सहित 33 केवी उपसंस्थानों से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इसके साथ ही चंपावत जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में भी दिनभर बिजली नहीं रहेगी।
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता नितिन गर्खाल ने बताया कि यह तकनीकी कार्य ग्रिड की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली गुल रहने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ संचार और छोटे कारोबार भी प्रभावित होंगे। पर्वतीय इलाकों में पहले से ही सीमित संसाधनों के बीच इस तरह की कटौती से परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आंकड़े और तथ्य
बिजली कटौती से लगभग चार लाख की आबादी प्रभावित होने का अनुमान है।
अधिकारियों के मुताबिक, बिजली बंद रहने के कारण दोनों जिलों की समस्त लिफ्ट आधारित पेयजल योजनाएं ठप रहेंगी। इससे 1 फरवरी को पानी की आपूर्ति बाधित होगी और इसका असर अगले दिन यानी सोमवार को भी देखने को मिल सकता है।
आगे क्या होगा
तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य करने की बात कही गई है। हालांकि, अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे कटौती की अवधि को ध्यान में रखते हुए पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से कर लें।







