
सेलाकुई: सेलाकुई स्थित डीपीएसजी में आयोजित दो दिवसीय अंतर-विद्यालय महोत्सव ‘धरोहर’ का शुक्रवार को समापन हो गया। महोत्सव के दूसरे और अंतिम दिन कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को जीवंत बना दिया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
अंतर-विद्यालय महोत्सव ‘धरोहर’ का उद्देश्य छात्रों को कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करना रहा। इस महोत्सव में जनपद के 11 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। दो दिनों तक चले आयोजन में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत कला प्रतियोगिता से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने चित्रकला और रचनात्मक कला के माध्यम से अपनी सोच और कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया। इसके बाद छात्रों ने सूफी संगीत की प्रस्तुति दी, जिसे अभिभावकों और उपस्थित श्रोताओं ने सराहा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य क्रिस्टोफर बरबोसा ने कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेने से छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभिभावकों और शिक्षकों ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और टीमवर्क व सांस्कृतिक समझ विकसित करते हैं। उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ-साथ सह-शैक्षिक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।
आगे क्या होगा
विद्यालय प्रबंधन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि भविष्य में भी इस तरह के अंतर-विद्यालय आयोजनों को निरंतर आयोजित किया जाएगा, ताकि छात्रों को अपनी रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रतिभा को और बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिल सके।







