
रुद्रप्रयाग: प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर चोपता क्षेत्र में टैक्सी संचालकों की मनमानी की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों से तय किराया दरों से अधिक वसूली की लगातार शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देश पर मौके पर जांच अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान कुछ टैक्सी चालकों द्वारा निर्धारित दरों से ज्यादा किराया वसूलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें कड़ी चेतावनी देने के साथ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
चोपता क्षेत्र उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। बीते कुछ समय से यहां टैक्सी किराए को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। आरोप था कि कुछ टैक्सी संचालक निर्धारित किराया सूची का पालन नहीं कर रहे और पर्यटकों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने स्थिति की वास्तविकता जानने के लिए स्थलीय निरीक्षण का निर्णय लिया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
डीएम के निर्देश पर ऊखीमठ एसडीएम अनिल रावत और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह बिष्ट ने स्थानीय थानाध्यक्ष के साथ चोपता क्षेत्र में संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान टैक्सी वाहनों के किराया दर सूची, परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच में ओवरचार्जिंग की पुष्टि होने पर संबंधित चालकों को सख्त हिदायत दी गई और चालान किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी टैक्सी संचालक अपने वाहनों में स्वीकृत किराया दर सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि तय किराया लागू होने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि चोपता की छवि भी बेहतर बनेगी। लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए नियमित निगरानी की मांग की है।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी चोपता और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे। एसडीएम अनिल रावत ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और ओवरचार्जिंग या यातायात नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।




