
गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मार्च माह में होली के बाद बजट सत्र आयोजित किए जाने की संभावना है। केंद्रीय बजट पेश होने के बाद ही राज्य सरकार अपने बजट को अंतिम रूप देगी। इसी क्रम में विधानसभा सचिवालय ने भी बजट सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं, हालांकि सरकार की ओर से सत्र की तिथि को लेकर अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। गैरसैंण में बजट सत्र होने की स्थिति में राज्य की राजधानी नीति और पर्वतीय क्षेत्र के महत्व को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो जाएंगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
राज्य सरकार की मंशा लंबे समय से यह रही है कि बजट सत्र गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाए। इसके लिए बुनियादी तैयारियों पर भी पहले से काम किया जाता रहा है। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किए जाने के बाद से यहां विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
कैबिनेट ने बजट सत्र के स्थान और तिथि तय करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया है। मुख्यमंत्री पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी मंशा बजट सत्र को गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में कराने की है। अब केवल सत्र की तिथि घोषित किया जाना बाकी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि यदि बजट सत्र यहां आयोजित होता है, तो इससे क्षेत्र को प्रशासनिक पहचान के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय व्यापारियों और सेवाओं से जुड़े लोगों को भी सत्र के दौरान चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाना है। इसके आधार पर प्रदेश सरकार वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट को अंतिम रूप देगी। वर्तमान में वित्त विभाग विभिन्न विभागों से प्राप्त बजट मांग प्रस्तावों का परीक्षण कर रहा है। होली पर्व के बाद गैरसैंण में बजट सत्र आयोजित करने को लेकर जल्द ही आधिकारिक घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।





