
देहरादून: ‘प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड’ के संकल्प को मजबूती देने के लिए देहरादून नगर निगम ने ऑटोमेटिक प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन की शुरुआत की है। इसकी पहली स्थापना दून अस्पताल चौक पर की गई है। नगर निगम ने ट्रायल के तौर पर शहर के 50 प्रमुख स्थानों पर इन मशीनों को लगाने की योजना बनाई है, जिनमें पर्यटक स्थल, रेलवे और बस स्टेशन, शैक्षणिक संस्थान, पार्क, सरकारी भवन और प्रमुख चौराहे शामिल हैं। पहल का उद्देश्य सिंगल यूज प्लास्टिक के सही निस्तारण को बढ़ावा देना और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शहरों में सिंगल यूज प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। देहरादून नगर निगम इससे पहले भी सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और जागरूकता अभियानों पर जोर देता रहा है। अब प्लास्टिक बोतलों के निस्तारण के लिए तकनीकी समाधान के रूप में ऑटोमेटिक क्रशर मशीनों को अपनाया गया है।
आधिकारिक जानकारी
नगर निगम के अनुसार, इन ऑटोमेटिक प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनों का संचालन मनसा फैसिलिटी एंड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। कंपनी प्लास्टिक बोतलों को रिसाइकिल करेगी और इससे प्राप्त रॉ मैटेरियल को नगर निगम सीधे खरीदेगा। नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि मशीन सिंगल यूज बोतलों को क्रश कर छोटे आकार में बदल देती है, जिससे उनका सुरक्षित और उपयोगी निस्तारण संभव होगा।
स्वच्छता व्यवस्था और जनभागीदारी
नगर निगम का कहना है कि इस पहल से न केवल सार्वजनिक स्थलों पर प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी, बल्कि आम लोगों को भी बोतलों को निर्धारित मशीन में डालने की आदत पड़ेगी। इससे प्लास्टिक के सही निस्तारण को लेकर जनभागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
प्लास्टिक वेस्ट का पुनः उपयोग
क्रश की गई प्लास्टिक बोतलों से टेबल, कुर्सी, फ्लावर पॉट और सजावटी वस्तुएं तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग सड़क निर्माण जैसे कार्यों में भी किया जाएगा, ताकि इकोनॉमी मॉडल के तहत कचरे को संसाधन में बदला जा सके।
आगे क्या होगा
नगर निगम के अनुसार, ट्रायल के दौरान मशीनों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर इन्हें और स्थानों पर स्थापित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इस परियोजना में फिलहाल नगर निगम की ओर से कोई निवेश नहीं किया गया है और यह पूरी तरह पीपीपी मॉडल पर संचालित की जा रही है।




