
देहरादून: मसूरी में होटल और हॉस्टल निर्माण में निवेश का झांसा देकर 2 करोड़ से अधिक की रकम हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पहले थाना और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद न्यायालय के हस्तक्षेप से मामला आगे बढ़ा। कोर्ट के आदेश पर अब देहरादून के थाना राजपुर में चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। मामला इसलिए अहम है क्योंकि इसमें लंबे समय तक रकम ट्रांसफर, साझेदारी का भरोसा और बाद में धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
अर्जुनवाला कोल्हूखेत, मसूरी निवासी दीपक कुमार ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2014 में उनकी पहचान गौरव किराड़ से हुई थी। गौरव को पीड़ित की आर्थिक स्थिति और भूमि संबंधी जानकारी थी। इसके बाद पहले भूमि खरीद को लेकर प्रेरित किया गया और फिर मसूरी में होटल व हॉस्टल खोलने का प्रस्ताव रखकर साझेदारी में लाभ आधा-आधा बांटने का भरोसा दिया गया।
आरोप है कि आयकर का हवाला देते हुए रकम अपने खाते के बजाय कंपनी और पत्नी तथा माता-पिता के खातों में ट्रांसफर करवाई गई।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
थाना राजपुर प्रभारी प्रदीप रावत के अनुसार न्यायालय के आदेश पर भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य संबंधित धाराओं में आरोपी गौरव किराड़, उनकी पत्नी टीना किराड़, पिता सुरेश किराड़ और माता सुनीता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश के नाम पर इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाती हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई हो, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।
आंकड़े और तथ्य
पीड़ित के अनुसार साल 2023–24 के दौरान अलग-अलग तिथियों में कुल 2 करोड़ 2 लाख से अधिक की धनराशि ट्रांसफर की गई। जब निर्माण की प्रगति और स्थान दिखाने की बात आई तो टालमटोल शुरू हो गई।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि सभी लेनदेन, खातों और आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






