
देहरादून के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पथरियापीर इलाके में सरकारी कामकाज के दौरान हिंसा का गंभीर मामला सामने आया है। बकाया बिजली बिल के चलते कनेक्शन काटने पहुंची बिजली विभाग की टीम पर मकान मालिक और उसके साथियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस घटना में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर समेत चार कर्मचारी घायल हो गए। घटना 28 जनवरी की दोपहर की बताई जा रही है। हमले के बाद घायल कर्मचारियों को अस्पताल में उपचार कराया गया और मामले को लेकर धारा चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई है। यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि इसमें सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा सवाल खड़ा होता है।
मामले की अहमियत
यह घटना सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। बकाया बिलों पर की जा रही वैधानिक कार्रवाई के दौरान हिंसा होना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में विभागीय कार्यों में बाधा की आशंका भी बढ़ जाती है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
शहर और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी बकाया बिल या कनेक्शन काटने की कार्रवाई के दौरान विवाद की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि, इस मामले में हमला कर कर्मचारियों को घायल किया जाना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
आधिकारिक जानकारी
जानकारी के मुताबिक, बिंदाल सब डिवीजन में तैनात जेई अमित रौछेला अपनी टीम के तीन अन्य कर्मचारियों के साथ 28 जनवरी को पथरियापीर स्थित कालू नामक व्यक्ति के घर पहुंचे थे। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित कनेक्शन पर 9,730 रुपये का बिजली बिल बकाया था। बकाया होने के कारण कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू की गई।
जैसे ही टीम ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई, घर पर मौजूद तुषार नामक व्यक्ति और कुछ अन्य लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। आरोप है कि कर्मचारियों को घर के भीतर घसीटा गया और मीटर व विभागीय दस्तावेज छीनने का प्रयास भी किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं इलाके में तनाव का माहौल पैदा करती हैं। कई लोगों ने माना कि बकाया बिल को लेकर विवाद हो सकता है, लेकिन हिंसा किसी भी हाल में उचित नहीं है।
विशेषज्ञ की राय
प्रशासनिक मामलों के जानकारों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला गंभीर आपराधिक कृत्य है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी होती है, ताकि भविष्य में कोई भी कानून हाथ में लेने की हिम्मत न करे।
आंकड़े और तथ्य
- घटना में 4 बिजली कर्मचारी घायल हुए हैं।
- बकाया बिजली बिल की राशि 9,730 रुपये बताई गई है।
- सभी घायलों का उपचार कोरोनेशन अस्पताल में कराया गया।
आगे क्या होगा
घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने धारा चौकी का घेराव कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का भरोसा दिया है। कोतवाली नगर प्रभारी प्रदीप पंत ने बताया कि जेई की शिकायत दर्ज कर ली गई है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






