
देहरादून: उत्तराखंड के रेशम बुनकरों को आधुनिक तकनीक, नवीन डिजाइन और उन्नत उत्पादन प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन की ओर से प्रदेश के रेशम बुनकरों को चार राज्यों में अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा। इसकी घोषणा सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने देहरादून के राजपुर रोड पर दून सिल्क के चौथे रिटेल आउटलेट के शुभारंभ के दौरान की। इस पहल का उद्देश्य बुनकरों की दक्षता बढ़ाना और अन्य राज्यों की श्रेष्ठ तकनीकों को उत्तराखंड में लागू करना है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्रदेश में रेशम उत्पादन और बुनाई आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है, खासकर महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए। बदलते बाजार और डिजाइन की मांग के बीच तकनीकी नवाचार और प्रशिक्षण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अध्ययन भ्रमण के जरिए बुनकरों को देश के अन्य हिस्सों में अपनाई जा रही आधुनिक कार्यप्रणालियों से परिचित कराया जाएगा।
आधिकारिक जानकारी
सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि अध्ययन भ्रमण से रेशम बुनकरों की कार्यक्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह कार्यक्रम सुनियोजित और उद्देश्यपूर्ण हो, ताकि बुनकरों को अधिकतम लाभ मिल सके। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सहकारिता के क्षेत्र में सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है।
बुनकरों से संवाद
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता मंत्री ने रेशम बुनकरों से सीधा संवाद किया। बुनकरों ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान व्यवस्था और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पारदर्शिता बरती जा रही है, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने इस पहल को अपने कार्य और आय बढ़ाने के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियां
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान बुनाई कार्यशाला का आयोजन किया गया। सिल्क समग्र परियोजना के तहत लाभार्थियों को चेक और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर 25 कीटपालकों को चेक दिए गए, जबकि बुनाई क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
फेडरेशन का लक्ष्य और योजना
उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि फेडरेशन का लक्ष्य प्रदेश की 10 हजार महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में सशक्त बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि दून सिल्क का चौथा रिटेल आउटलेट शुरू किया गया है और जल्द ही प्रदेश के अन्य शहरों में 6 और आउटलेट खोले जाएंगे। साथ ही आगामी वर्षों में फेडरेशन की ओर से 10 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आगे क्या होगा
अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम की रूपरेखा जल्द तैयार की जाएगी और चयनित बुनकरों को चार राज्यों में भेजा जाएगा। इसके साथ ही नए रिटेल आउटलेट खोलने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विस्तार देने पर भी काम किया जाएगा।







