
ऋषिकेश: लक्ष्मणझूला स्थित कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट के मुख्य गेट पर लगा ताला 26 जनवरी को खोल दिया गया। ताला खुलने के बाद चौदह मंजिला भवन में व्यापार कर रहे दुकानदारों ने अपनी दुकानें दोबारा शुरू कीं, जबकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने मंदिर में दर्शन किए। बीते 13 दिनों से गेट बंद रहने के कारण व्यापार पूरी तरह ठप था और श्रद्धालु भी दर्शन से वंचित थे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
13 जनवरी की शाम बदरी-केदार मंदिर समिति द्वारा ट्रस्ट कार्यालय पर ताला लगाए जाने के बाद ट्रस्ट प्रशासन ने भवन के मुख्य गेट पर भी ताला लगा दिया था। इसके चलते भवन में संचालित करीब 30 से 32 दुकानों का कारोबार बंद हो गया। दूर-दराज़ से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु मंदिर के दर्शन नहीं कर पा रहे थे।
धरना और विरोध
मुख्य गेट बंद होने के विरोध में व्यापारियों ने लगभग एक सप्ताह तक सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना था कि गेट बंद रहने से न केवल उनका रोज़गार प्रभावित हुआ, बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ताला खुलने के बाद व्यापारियों ने राहत जताई। व्यापारी पवन वर्मा, रिंकू वर्मा, नरेंद्र अवस्थी, संजीव वर्मा और शेखर पांडे सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि 13 दिनों तक दुकानें बंद रहने से उनके व्यवसाय पर गहरा असर पड़ा। परिवार के भरण-पोषण में कठिनाइयां आ रही थीं। गेट खुलने से अब सामान्य स्थिति लौटने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा
व्यापारियों और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होगी। प्रशासन और ट्रस्ट के बीच समन्वय बनाकर मंदिर दर्शन और व्यापार दोनों को सुचारू रखने की मांग की जा रही है।







