
देहरादून: उत्तराखंड के कई जिलों में मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर 28 जनवरी को प्रदेश के कई जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में मौसम लगातार बदल रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्कता बरत रहा है।
किन जिलों में अवकाश घोषित
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए 28 जनवरी को आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।
आधिकारिक जानकारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून से जारी पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन का कहना है कि इस मौसम के कारण विद्यालय जाने वाले छात्रों, विशेष रूप से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभिभावकों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश की चेतावनी के बीच स्कूलों में अवकाश का निर्णय बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक था। कई अभिभावकों ने प्रशासन के इस फैसले को समय पर लिया गया कदम बताया।
बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए विशेष निर्देश
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 10वीं और 12वीं के वे विद्यार्थी, जो सीबीएसई, आईसीएसई, उत्तराखंड बोर्ड या अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले हैं, उनके लिए यदि विद्यालय द्वारा अध्ययन, प्रायोगिक या प्री-बोर्ड परीक्षा से संबंधित कोई शैक्षणिक गतिविधि आयोजित की जाती है, तो उसके लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने सभी तहसीलों और संबंधित विभागों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई विद्यालय इस आदेश की अवहेलना करता पाया गया तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिए जाएंगे।






