Rudraprayag: Devotees during the opening of the doors of the Kedarnath Temple, in Rudraprayag district, Tuesday, April 25, 2023. (PTI Photo)(PTI04_25_2023_000026A)
रुद्रप्रयाग: बदरी–केदार मंदिर समिति द्वारा बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित करने के लिए लाए जा रहे प्रस्ताव का तीर्थ पुरोहित समाज ने जोरदार स्वागत किया है। केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि इस निर्णय से न केवल धामों की धार्मिक पवित्रता बनी रहेगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ होगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बदरी–केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) अपने अधीन आने वाले मंदिरों में परंपराओं के अनुपालन को लेकर नीतिगत निर्णय लेने की तैयारी में है। इसी क्रम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में लाया जाना है।
तीर्थ पुरोहित समाज की प्रतिक्रिया
केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित और चारधाम तीर्थ पुरोहित महासंगठन के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस दिशा में की जा रही पहल सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीर्थ पुरोहित समाज इस प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करता है और इसे धरातल पर उतारने के लिए एकजुट होकर सहयोग करेगा।
उनका कहना है कि पूर्व में भी ऐसी पहल हुई थी, लेकिन वह किसी कारणवश साकार नहीं हो सकी। इस बार यह निर्णय लागू होना चाहिए, ताकि पवित्र धामों की गरिमा, परंपरा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
धार्मिक मर्यादा और अनुशासन
तीर्थ पुरोहित समाज का मानना है कि इस निर्णय से धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनी रहेगी और श्रद्धालुओं में धार्मिक अनुशासन एवं आस्था की भावना और अधिक मजबूत होगी। उनका कहना है कि धामों की पहचान और परंपरा की रक्षा सर्वोपरि है।
अन्य धार्मिक स्थलों का संदर्भ
गौरतलब है कि गंगोत्री धाम में गंगोत्री मंदिर समिति पहले ही गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का निर्णय ले चुकी है। वहीं हरिद्वार के हरकी पैड़ी समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर भी गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक की मांग समय-समय पर उठती रही है। बीकेटीसी भी अपने अधीन सभी मंदिरों में इसी तरह का निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सरकार का पक्ष
इस विषय पर पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कहा था कि प्रदेश के धार्मिक, पौराणिक स्थलों और देवस्थानों के संचालन से जुड़े सभी संगठनों की राय और मत के अनुरूप सरकार आगे कार्य करेगी। सरकार पूर्व में बने कानूनों का अध्ययन कर उसी आधार पर निर्णय लेगी।
आगे क्या
बीकेटीसी की आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद इस निर्णय को औपचारिक रूप से लागू किए जाने की संभावना है। तीर्थ पुरोहित समाज ने उम्मीद जताई है कि यह कदम देवभूमि की धार्मिक परंपराओं की रक्षा में मील का पत्थर साबित होगा।






