
रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग अंतर्गत तराई पश्चिमी रेंज में वन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से आबादी क्षेत्र में भटके सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। बाजपुर क्षेत्र और रामनगर के टांडा इलाके से तीन विशाल अजगर और एक जहरीले कोबरा को सुरक्षित निकालकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बाजपुर और टांडा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सांपों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया था। आबादी के पास सांपों के दिखने से जान-माल के नुकसान की आशंका रहती है, ऐसे में समय पर रेस्क्यू बेहद अहम माना जाता है।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग की ओर से तैनात अनुभवी स्नेक कैचर तालिब हुसैन ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पूरी सावधानी और पेशेवर तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन किया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए तीनों अजगर आकार में काफी बड़े हैं। एक अजगर का वजन लगभग 45 से 50 किलोग्राम, दूसरे का करीब 40 किलोग्राम और तीसरे का वजन 35 से 40 किलोग्राम के बीच आंका गया है। इसी क्षेत्र से एक अत्यंत जहरीला कोबरा भी सुरक्षित पकड़ा गया।
रेस्क्यू और सुरक्षा
तालिब हुसैन के अनुसार ये सभी सांप मानव आबादी वाले क्षेत्रों में भटक कर आ गए थे, जिससे खतरा बना हुआ था। समय रहते रेस्क्यू होने से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना टल गई। रेस्क्यू के दौरान किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी सांप पूरी तरह सुरक्षित रहे।
आगे की कार्रवाई
वन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार रेस्क्यू के बाद तीनों अजगरों और कोबरा को घने जंगल क्षेत्र में उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इसके बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने वन विभाग और रेस्क्यू टीम की तत्परता की सराहना की है।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी सांप या अन्य वन्य जीव दिखाई दें तो घबराएं नहीं और तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मियों को सूचना दें, ताकि वन्य जीवों और इंसानों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




