
देहरादून में शुक्रवार को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एक बार फिर राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की घोषणा, काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण और बीजेपी विधायक अरविंद पांडेय से जुड़े मामले को लेकर सरकार की मंशा और कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। गोदियाल ने आरोप लगाया कि इन मामलों में सरकार या तो जांच को भटका रही है या फिर आधी-अधूरी कार्रवाई कर जनता के आक्रोश को शांत करने की कोशिश कर रही है, जो प्रदेश की न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील मामलों में शामिल रहा है, जिसको लेकर प्रदेशभर में लंबे समय तक जनआक्रोश देखने को मिला। इसी तरह काशीपुर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या ने प्रशासनिक दबाव और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। वहीं, सत्ताधारी दल के विधायक से जुड़े जमीन कब्जे के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दिया है। इन सभी मामलों को एक साथ उठाकर कांग्रेस ने सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली पर सवाल किया है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सीबीआई जांच को लेकर सवाल
गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री शुरू से ही जांच को भटकाने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जनता के आक्रोश को देखते हुए सरकार ने आनन-फानन में सीबीआई जांच की घोषणा तो कर दी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। गोदियाल ने कहा कि यह स्थिति पेपर लीक मामले में की गई सीबीआई जांच की घोषणा जैसी ही प्रतीत हो रही है, जहां आज तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सरकार की नीयत पर कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि अंकिता भंडारी मामले में राज्य सरकार की नीयत शुरू से ही साफ नहीं रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में न्याय दिलाना चाहती, तो जांच में पारदर्शिता और तेजी दिखाई देती। गोदियाल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस अंकिता को न्याय दिलाने के लिए फिर से आंदोलन शुरू करेगी।
काशीपुर किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण
काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले पर भी गणेश गोदियाल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक न तो जांच पूरी हुई है और न ही दोषी पुलिस कर्मियों एवं बड़े अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि कुछ पुलिसकर्मियों को केवल उधम सिंह नगर जिले से हटाकर रुद्रप्रयाग और चमोली भेज दिया गया है, जो कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति प्रतीत होती है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
गोदियाल ने मांग की कि संबंधित पुलिसकर्मियों को जिलों में भेजने के बजाय पुलिस मुख्यालय से अटैच किया जाना चाहिए था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री उन पर कृपा करना ही चाहते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा का जिम्मा दे दें, कांग्रेस को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।
विधायक अरविंद पांडेय के मामले पर उठे प्रश्न
गणेश गोदियाल ने बीजेपी विधायक अरविंद पांडेय से जुड़े जमीन कब्जे के मामले को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा के कई बड़े नेता उनके आवास पर चाय पीने जाने वाले थे और इसके लिए हेलीकॉप्टर तक तैयार था, लेकिन अंतिम समय में यह कार्यक्रम रद्द हो गया। इसके बाद सरकार द्वारा जमीन कब्जे को लेकर नोटिस जारी किया जाना कई सवाल खड़े करता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आम व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगते, तो अब तक कड़ी कार्रवाई हो चुकी होती। वहीं कुछ व्यापारियों ने बताया कि बड़े नेताओं के मामलों में देरी और भ्रम की स्थिति जनता के भरोसे को कमजोर करती है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि इन मामलों में पारदर्शी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। वहीं सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।






