
चकराता: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलते ही पहाड़ों पर एक बार फिर बर्फबारी शुरू हो गई है। लंबे इंतजार के बाद चकराता क्षेत्र के लोखंडी में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर में ढक गया। बर्फबारी के बाद न सिर्फ नजारा बेहद खूबसूरत हो गया, बल्कि वहां पहुंचे सैलानियों, स्थानीय लोगों और होटल कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। वहीं बर्फ गिरने से क्षेत्र में ठंड में भी इजाफा दर्ज किया गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में पिछले कुछ समय से मौसम शुष्क बना हुआ था, जिससे किसान और पर्यटन से जुड़े कारोबारी चिंतित थे। वसंत पंचमी के आसपास हुई हल्की बारिश के बाद अब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिसे मौसम में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
लोखंडी में बदला नजारा
चकराता की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित लोखंडी में बर्फ की फाहें गिरते ही पहाड़ियां चांदी की तरह चमक उठीं। सैलानी बर्फबारी का आनंद लेते नजर आए और प्रकृति के सौंदर्य को नजदीक से देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग लोखंडी पहुंचे।
पर्यटन और होटल व्यवसाय को राहत
बर्फबारी से पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। दिल्ली और नोएडा से आए पर्यटकों ने लोखंडी पहुंचकर बर्फबारी का जमकर आनंद लिया। स्थानीय होटल व्यवसायियों का कहना है कि बर्फबारी के बाद लोखंडी के अधिकांश होटल फुल हो चुके हैं। होटल संचालक रोहन राणा के अनुसार, साल 2026 की पहली बर्फबारी पर्यटन कारोबार के लिए काफी कारगर साबित होगी और आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
खेती और बागवानी के लिए फायदेमंद
बारिश और बर्फबारी से खेती-किसानी को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर सेब बागवानी से जुड़े किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद माना जा रहा है। बर्फबारी से जल स्रोत रिचार्ज होते हैं और गर्मियों में पानी की कमी की समस्या भी कम होती है, हालांकि इस वर्ष बर्फबारी कुछ देर से शुरू हुई है।
ठंड में बढ़ोतरी
प्रदेश के हिल स्टेशनों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ठंड बढ़ने के कारण लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है।






