
IIT Kanpur के मामलों की होगी गहन समीक्षा, केंद्र सरकार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT Kanpur) में हाल के दिनों में सामने आए छात्र आत्महत्या के मामलों को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य न केवल इन घटनाओं की विस्तृत समीक्षा करना है, बल्कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और व्यावहारिक सुझाव देना भी है।
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि समिति छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करेगी और उन्हें और मजबूत बनाने पर ध्यान देगी।
जुलाई 2023 की गाइडलाइंस पर भी होगी जांच
यह समिति जुलाई 2023 में जारी की गई उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की भावनात्मक और मानसिक भलाई से जुड़ी फ्रेमवर्क गाइडलाइंस के साथ IIT Kanpur के कम्प्लायंस की भी समीक्षा करेगी। इसका उद्देश्य यह समझना है कि संस्थान द्वारा इन दिशा-निर्देशों को किस हद तक लागू किया गया है और कहां सुधार की आवश्यकता है।
अनिल सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता में गठित समिति
सरकार द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता अनिल सहस्रबुद्धे, राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (NETF) के अध्यक्ष, करेंगे। समिति में वरिष्ठ मनोचिकित्सक जितेंद्र नागपाल और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति में शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, ताकि सभी पहलुओं पर संतुलित दृष्टिकोण से विचार हो सके।
15 दिनों के भीतर सौंपनी होगी रिपोर्ट
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपे। इस रिपोर्ट में आत्महत्या के संभावित कारणों का विश्लेषण, संस्थान में उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श तंत्र की समीक्षा, तथा छात्रों के लिए बेहतर सहयोग और काउंसलिंग सिस्टम विकसित करने से जुड़े सुझाव शामिल होंगे।
एक महीने के भीतर सामने आए दो मामले
गौरतलब है कि पिछले एक महीने से भी कम समय में IIT Kanpur में छात्र आत्महत्या के दो मामले सामने आए हैं। हाल ही में पीएचडी छात्र रामस्वरूप ईश्वरम (25) की कथित तौर पर कैंपस स्थित आवासीय भवन की छठी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। इससे पहले 29 दिसंबर को जीव विज्ञान और जैव इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के बीटेक छात्र जय सिंह मीना (26) छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए थे।
इन घटनाओं के बाद देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव, तनाव और सहायता प्रणालियों की प्रभावशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
अन्य संस्थानों के लिए भी अहम होंगी सिफारिशें
केंद्र सरकार का मानना है कि समिति की सिफारिशें केवल IIT Kanpur तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि देश के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार साबित होंगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र शैक्षणिक दबाव के बीच खुद को अकेला न महसूस करें और समय पर उन्हें उचित सहायता मिल सके।







