
देहरादून: मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सशक्त संदेश देते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने नेत्रदान, सभी प्रत्यारोपण योग्य अंगदान और पूर्ण देहदान का संकल्प लिया है। यह संकल्प उन्होंने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दधीचि देह दान समिति देहरादून के माध्यम से पंजीकृत कराया। उनके इस निर्णय को समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
भारतीय संस्कृति में सेवा और त्याग की परंपरा प्राचीन काल से रही है। दधीचि ऋषि की कथा से प्रेरित देहदान की अवधारणा समाज के लिए जीवनदायी मानी जाती है। आधुनिक समय में अंगदान और देहदान न केवल चिकित्सा विज्ञान के लिए उपयोगी हैं, बल्कि अनेक जीवन बचाने का माध्यम भी बनते हैं। बावजूद इसके, भ्रांतियों और जानकारी के अभाव में लोग इससे दूर रहते हैं।
जीवन के बाद भी सेवा का संदेश
भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि जीते-जी सहायता करना सामान्य है, लेकिन देहांत के बाद भी यदि शरीर किसी के काम आ सके तो वही सच्ची सेवा है। उन्होंने राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों से अपील की कि वे अंगदान और देहदान को लेकर आगे आएं और समाज को प्रेरित करें।
सांस्कृतिक परंपरा का स्मरण
पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व राज्यपाल और पूर्व सांसद रहे भगत सिंह कोश्यारी का यह निर्णय भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा की याद दिलाता है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर को भी समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर देता है। उनका मानना है कि इस संकल्प से समाज में विश्वास, जागरूकता और सकारात्मक सोच का विस्तार होगा।
आधिकारिक जानकारी
दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि भगत सिंह कोश्यारी का यह निर्णय देहदान और अंगदान आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा देगा। उनके उदाहरण से युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में इस पुण्य कार्य के प्रति रुचि बढ़ेगी।
आंकड़े / तथ्य
समिति के माध्यम से अब तक 570 लोग देहदान व अंगदान का संकल्प ले चुके हैं। इसके अलावा 21 देहदान संपन्न हुए हैं और 47 लोगों के कुल 94 कॉर्निया दान किए जा चुके हैं, जिससे अनेक दृष्टिहीनों को रोशनी मिली है।
इच्छुक लोग कैसे जुड़ें
यदि कोई व्यक्ति देहदान, नेत्रदान अथवा अंगदान का संकल्प लेना चाहता है तो वह 9412438100, 9897287021, 9837894998, 7906600421 या 9411170800 पर संपर्क कर सकता है। समिति के सदस्य घर जाकर संकल्प प्रपत्र भरवाते हैं। इसके लिए परिवार के दो सदस्यों की सहमति और जानकारी आवश्यक होती है, ताकि मृत्यु उपरांत संकल्प सफलतापूर्वक पूरा हो सके।
आगे क्या होगा
समिति का लक्ष्य है कि जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की भागीदारी से देहदान और अंगदान को जनआंदोलन बनाया जाए, जिससे चिकित्सा क्षेत्र और जरूरतमंदों को अधिक लाभ मिल सके।







