
देहरादून: उत्तराखंड में टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की ई-निगरानी सोमवार से शुरू कर दी गई है। परिवहन मुख्यालय द्वारा लागू इस नई व्यवस्था के तहत पहले ही दिन सैकड़ों वाहनों के ई-चालान कटे। कुछ स्थानों पर तकनीकी कारणों से निगरानी में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन अधिकांश टोल प्लाजा पर प्रणाली प्रभावी ढंग से काम करती दिखी। ई-डिटेक्शन सिस्टम के जरिए वाहन दस्तावेजों की रियल टाइम जांच से नियमों का उल्लंघन पकड़ में आया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग डिजिटल निगरानी को मजबूत कर रहा है। टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली इसी दिशा में उठाया गया कदम है, ताकि बिना वैध दस्तावेजों के चल रहे वाहनों पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
कैसे काम करता है ई-डिटेक्शन सिस्टम
ई-निगरानी के तहत वाहन का नंबर परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल से रियल टाइम में जुड़ता है। इसके जरिए स्वचालित रूप से वाहन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों—परमिट, बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट और रोड टैक्स—की जांच होती है। प्रथम चरण में परमिट, बीमा और फिटनेस की जांच कर अधूरे पाए जाने पर ई-चालान काटे गए।
पहले दिन का अनुभव
पहले दिन कुछ टोल प्लाजा पर तकनीकी कारणों से निगरानी शुरू होने में देर हुई, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में नियमों का उल्लंघन पकड़ में आया। ई-चालान कटते ही वाहन मालिकों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी गई।
15 साल से पुराने वाहन भी रडार पर
उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी के अनुसार, ई-निगरानी के तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की पहचान भी की जाएगी। ऐसे वाहनों के दस्तावेजों की विशेष जांच की जाएगी, ताकि फिटनेस और वैधता सुनिश्चित हो सके।
इन टोल प्लाजा पर हो रही ई-निगरानी
- बहादराबाद टोल प्लाजा, हरिद्वार
- भगवानपुर टोल प्लाजा, हरिद्वार
- लच्छीवाला टोल प्लाजा, देहरादून
- जगतापुर पट्टी टोल प्लाजा, ऊधम सिंह नगर
- बनुषी टोल प्लाजा, ऊधम सिंह नगर
- नगला टोल प्लाजा, ऊधम सिंह नगर
- देवरिया टोल प्लाजा, ऊधम सिंह नगर
स्थानीय प्रतिक्रिया
वाहन चालकों का कहना है कि अचानक ई-चालान मिलने से कई लोग हैरान हैं, लेकिन नियमों का पालन करने वालों के लिए यह व्यवस्था फायदेमंद है। वहीं परिवहन विभाग का मानना है कि इससे नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगेगा और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी।
आगे क्या होगा
परिवहन विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ई-निगरानी के दायरे को और बढ़ाया जाएगा। दस्तावेजों के साथ-साथ अन्य तकनीकी जांच भी चरणबद्ध तरीके से लागू की जा सकती है।




