
चमोली जिले में इस सर्दी बर्फबारी और बारिश न होने का सीधा असर खेती के साथ-साथ पर्यटन व्यवसाय पर पड़ा है। देवाल ब्लॉक के प्रमुख पर्यटन बेस कैंप लोहाजंग में जनवरी की शुरुआत से सन्नाटा पसरा है। जहां पिछले वर्षों में प्रतिदिन 700 से 1000 पर्यटक पहुंचते थे, वहीं 1 से 10 जनवरी के बीच महज 296 पर्यटक ही आए। सूखे मौसम के कारण बुग्याल और चोटियों पर बर्फ न होने से ट्रेकिंग गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं, जिससे स्थानीय रोजगार पर संकट गहरा गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देवाल विकासखंड में स्थित लोहाजंग, ब्रह्मताल–वेदनी जैसे लोकप्रिय ट्रेक्स का बेस कैंप है। सामान्यतः दिसंबर में बर्फबारी के बाद ब्रह्मताल, वेदनी बुग्याल और आसपास की चोटियां बर्फ से ढक जाती हैं, जिसे देखने देश–विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। इस वर्ष बुग्यालों और चोटियों पर बर्फ नहीं होने से ट्रेकिंग सीजन फीका पड़ा है।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग लोहाजंग में पर्यटकों का पंजीकरण करता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर को लोहाजंग और बुग्याल क्षेत्रों में करीब एक हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे थे, लेकिन 1 जनवरी से 10 जनवरी के बीच कुल संख्या 296 पर सिमट गई। वन दारोगा बलवीर सिंह बिष्ट ने बताया कि बर्फबारी होने के बाद ही पर्यटन में तेजी आने की संभावना है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
लोहाजंग के व्यवसायी इंद्र सिंह राणा का कहना है कि इस बार बर्फबारी न होने से एक जनवरी के बाद पर्यटक लगभग नहीं आए। क्षेत्र में 15 से अधिक लॉज और होटल हैं और करीब 500 से अधिक युवाओं की आजीविका पर्यटन से जुड़ी है, जो इस स्थिति से बुरी तरह प्रभावित हुई है।
आंकड़े / तथ्य
1 से 10 जनवरी तक लोहाजंग पहुंचे कुल 296 पर्यटकों में 1 जनवरी को 100, 2 जनवरी को 46, 3 जनवरी को 8, 4 जनवरी को 25, 5 जनवरी को 23, 6 जनवरी को 36, 7 जनवरी को 27, 8 जनवरी को 12, 9 जनवरी को 6 और 10 जनवरी को 13 पर्यटक दर्ज किए गए।
आगे क्या होगा
स्थानीय व्यवसायियों और गाइडों को उम्मीद है कि मौसम बदलने और बर्फबारी होने पर ट्रेकिंग गतिविधियां फिर से शुरू होंगी। तब तक प्रशासन और पर्यटन से जुड़े लोग हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि सीजन खुलते ही व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सकें।







