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चमोली: जिला मुख्यालय गोपेश्वर में रविवार को उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध किया। महेंद्र भट्ट सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025–26 के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। अंकिता भंडारी हत्याकांड, मनरेगा सहित अन्य मुद्दों को लेकर हुए इस विरोध के दौरान नारेबाजी, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी की स्थिति बनी, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों के दौरान विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले हैं। गोपेश्वर में हुआ यह विरोध उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
सांसद खेल महाकुंभ कार्यक्रम के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचने पर कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने गोपेश्वर डिग्री कॉलेज गेट के पास काले झंडे दिखाए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और विरोध कर रहे लोगों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को डिटेन कर स्थिति को नियंत्रण में लिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
विरोध कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदहाल है और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम अब तक सामने नहीं आया है, जिससे जनता में आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार विफल रही है।
कार्यक्रम का पक्ष
वहीं सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी के शुभारम्भ अवसर पर महेंद्र भट्ट ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करती हैं और उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर देती हैं। कार्यक्रम विरोध के बीच संपन्न कराया गया।
अन्य घटनाक्रम
बताया गया कि एक दिन पहले उत्तरकाशी में भी कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के काफिले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए थे। गंगोरी क्षेत्र में आयोजित “सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम से लौटते समय गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह विरोध हुआ। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालते हुए काफिले को सुरक्षित रवाना कराया।
आगे क्या होगा
लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजामों को और सख्त करने के संकेत दिए हैं। वहीं विपक्ष का कहना है कि जब तक जनहित के मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।







